सुरेश चंद्र( शब्द) @ भीलवाड़ा|

रामस्नेही संप्रदाय के वार्षिक फूलडोल महोत्सव के समापन पर सोमवार को शाहपुरा में निकाली गयी शोभायात्रा सांप्रदायिक सद्भाव की नई मिसाल बन गयी।

गंगा जमनी संस्कृति को आगे बढ़ाते हुए आम प्रत्येक समाज की ओर से त्रिमुर्ति चौराहे पर शानदार जलसे का आयोजन कर फूलडोल शोभायात्रा का पुष्पवर्षा से स्वागत किया गया।

शाहपुरा में पिछले 253 वर्षो से चले आ रहे फूलडोल महोत्सव पर हर तरफ उत्साह का वातावरण दिखता है। त्रिमुर्ति चौराहा के पास कोली समाज की ओर से पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। पेट्रोल पंप के बाहर मुस्लिम समाज के कुछ प्रतिनिधियों ने भी शोभायात्रा पर पुष्पवर्षा की।

फूलड़ोल महोत्सव में आस्था का उमड़ा ज्वार:हर तरफ राम नाम का जयघोष तथा राम नाम का जप। रामनिवास धाम सोमवार को एक समुद्र के रूप में ऐसे दिख रहा था मानो यहां आस्था का ज्वार उमड़ पड़ा।

देश विदेश के विभिन्न अंचलों से सोमवार को करीब 30 हजार भक्त जनों ने रामस्नेही संप्रदाय के वार्षिकोत्सव फुलडोल महोत्सव में अपनी उपस्थिति दी।

आस पास के गावों से भी हजारों लोग महोत्सव में पहुंचे। शाहपुरा के ग्रामीण अंचलों से भी हजारों की तादाद में यहां पहुंच कर नगर पालिका द्वारा लगाये गये अस्थाई मेले में आई डोलरों, चकरी का आनंद लिया।

आस्था के ज्वार में भक्तों का सैलाब राजस्थान के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड के अलावा सिंगापुर व वियतनाम से पहुंचा। आज अंतिम चार्तुमास की घोषणा भी हुई।