क्या होगा 23 मई 2019 (गुरुवार) मतगणना वाले दिन?

भारतीय वैदिक ज्योतिष अनुसार आकाशीय ग्रहों की स्थिति भारत में आम चुनाव 2019 के परिणाम को लेकर क्या कहते हैं, आइए जानते हैं-

चुनाव परिणाम यानी 23 मई 2019 का चार्ट—(संलग्न फोटो देखें)..

ज्योतिषाचार्य पंडित दयानन्द शास्त्री के अनुसार, मतगणना का आरंभ धनु के चंद्रमा में होगा। धनु में चंद्रमा का शनि से संयोग भ्रमपूर्ण स्थिति का संकेतक है। ऐसे में परिणाम भी भ्रमपूर्ण और अस्पष्ट आ सकते हैं। यानि किसी एक दल को पूर्ण बहुमत मिलने के आसार कम हैं।

23 मई 2019 भाग्यांक के आधार पर नरेंद्र मोदी के पक्ष में है। 23 का पूर्णांक 5 है। 5 अंक नरेंद्र मोदी की जन्मतिथि 17-09-1950 के अनुसार, उनका भाग्यांक है।

23 मई 2019 को गुरुवार है । माननीय प्रधानमंत्री की जन्म कुंडली में वृश्चिक लग्न है अर्थात उन दिनों गोचर में गुरु उनकी लग्न में होंगे क्योंकि जन्म कुंडली में गुरु चतुर्थ केंद्र में हो कर राज्य भाव को अपनी सप्तम पूर्ण दृष्टि से देख रहे हैं अतः वृश्चिक में उनका यह गोचर शुभ है।

गुरु की पंचम दृष्टि यश भाव पर होगी एवं नवम दृष्टि भाग्य घर पर होगी ।भाग्य भाव पर चंद्र की दृष्टि भी उस दिन होगी जो कि उसका अपना ही घर है।

गुरु और चंद्र की भाग्य घर पर यह सम्मिलित दृष्टि भाग्य भाव को बहुत मजबूत बना देगी।

सप्तम में बैठे बुध और सूर्य को लग्न में बैठे गुरु पूर्ण दृष्टि से देख रहे होंगे। सूर्य राजा है तो गुरु मंत्री राजा और मंत्री का आपसी दृष्टि संबंध अत्यंत ही शुभ है। लग्नेश मंगल जरूर अष्टम में है किंतु उसके साथ उच्च का राहु भी है।

शनि द्वितीय घर में गोचर करेगा और उसके साथ उच्च का केतु है। जन्म कुंडली में शनि राज्य घर दशम भाव में बैठकर जन भाव चतुर्थ को अपने ही घर में देख रहा है।

गोचर में शनि की तृतीय दृष्टि उसके अपने भाव जन भाव पर होगी। शनि के साथ उच्च का केतु असाधारण जन समर्थन की ओर संकेत करता है।

महादशा और अंतर्दशा को देखें तो वह चंद्र की महादशा से गुजर रहे हैं और इन दिनों केतु की अंतर्दशा है। चंद्र का नीच भंग होने की वजह से वह प्रबल और शुभ हो गया है। पहली बार भी वह प्रधानमंत्री बने तब चंद्र में राहु की अंतर्दशा थी।अतः चंद्र और केतु की दशा अंतर्दशा भी शुभ ही होनी चाहिए।

अतः इस बात की पूरी संभावना है कि 23 मई 2019 (गुरुवार) का दिन नरेन्द्र मोदी का ही दिन साबित होगा।

अगर मतगणना 23 को ही रात 12 बजे तक संपन्न हो जाती है तो यह नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए और भाजपा के लिए फायदेमंद होगा क्योंकि नरेंद्र मोदी का जन्मांक 8 और भाग्यांक 5 है।

यदि 23 मई 2019 को ही मतगणना पूरी हो जाती है तो यह पीएम मोदी के लिए फायदेमंद होगा लेकिन यदि चुनाव का रिजल्ट आने में देरी होती है यानि यदि रिजल्ट 24 मई को आ पाता है तो यह राहुल गांधी के लिए फायदे का सौदा साबित होगा।

क्योंकि राहुल गांधी की जन्मतिथि 19-06-1970 है। राहुल का जन्मांक 1 और भाग्यांक 6 है वहीं, 24 तारीख का पूर्णांक 6 बनता है।

राहुल गांधी के भाग्यांक के आंकलन से कहा जा सकता है कि मतगणना की शुरुआत भले ही नरेंद्र मोदी के पक्ष में रह सकती है, लेकिन प्रक्रिया लंबी चलती है तो राहुल गांधी को लाभ पहुंच सकता है।

भारत के लग्न चार्ट में बृहस्पति 8 वें घर (प्रतिकूलताओं का घर) का स्वामी है। जैसा कि बृहस्पति न तो 10 वें घर से जुड़ा है और न ही शनि के साथ। यह स्थिति सत्तासीन सरकार को आगे बनाए रखने का अच्छा मौका देती है।

स्थिर सरकार के लिए लग्न के स्वामी का मजबूत होना आवश्यक है। हालांकि परिणाम की तारीख को शुक्र 12 वें घर से गुजर रहा है, जो कि सरकार के लिए अनुकूल नहीं है।

??इस वर्ष अभी तक घटित प्रमुख ग्रहीय घटनाएं–

23 मार्च -राहु ने मिथुन राशि में प्रवेश किया
29 मार्च – बृहस्पति ने धनु राशि में प्रवेश किया
10 अप्रेल – बृहस्पति वक्री होगा
22 अप्रेल – बृहस्पति का वक्री गति में फिर से वृश्चिक राशि में प्रवेश
30 अप्रेल – शनि वक्री होगा
7 मई – मंगल मिथुन राशि में प्रवेश करेगा वहां पहले से ही राहु विराजमान है।
और इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि शनि और केतु एक-दूसरे के बेहद करीब होंगे।

यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि इस तरह की महत्वपूर्ण ग्रहीय घटनाएं केवल डेढ़ महीने के काफी कम अंतराल में हो रही हैं, जो संयोगवश भारतीय आम चुनाव 2019 के दौरान ही हैं।

इसलिए, यह चुनाव हमारे पूरे देश के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण होगा। इस चुनाव परिणाम का भी भारत पर लंबे समय तक प्रभाव रहेगा। भारत इस दौरान सबसे महत्वपूर्ण मोड़ पर है।

सरकार को होगा थोड़ा नुकसान:
बृहस्पति का पारगमन बहुत महत्व रखता है। भारत के फाउंडेशन चार्ट में बृहस्पति 8 वें घर (प्रतिकूलताओं का घर) का स्वामी है।

जैसा कि बृहस्पति न तो 10 वें घर से जुड़ा है और न ही शनि के साथ। यह स्थिति सत्तासीन सरकार को आगे बनाए रखने का अच्छा मौका देती है।

स्थिर सरकार के लिए लग्न के स्वामी का मजबूत होना आवश्यक है। हालांकि परिणाम की तारीख को शुक्र 12 वें घर से गुजर रहा है, जो कि सरकार के लिए अनुकूल नहीं है।

??- शनि-केतु की युति से फायदा भी

मजबूत राहु और शनि मजबूत और स्थिर सरकार प्रदान करते हैं। राहु उच्च का है, इसलिए बहुत शक्तिशाली है, लेकिन, 8 वें घर में शनि कमजोरी का संकेत देता है। यह सरकार के हित के लिए हानिकारक है।

हालांकि, शनि की वक्री दृष्टि उसके विपरीत प्रभाव को उलट सकता है। सबसे महत्वपूर्ण कारक शनि है, जो परिणाम के दिन केतु के साथ बहुत निकट होगा और यह एक काफी जटिल ग्रहीय स्थिति हो सकती है।

यह इस चुनाव में एक निर्णायक कारक होगा। यह लोकसभा चुनाव 2019 में अप्रत्याशित, आश्चर्यजनक या चौंकाने वाले परिणाम दिखाता है।

वृश्चिक में शनि और केतु की करीबी युति ने 1984 में राजीव गांधी को शानदार जीत दिलाई थी। दूसरी तरफ, मीन राशि में शनि-केतु की युति ने 1996 में इसे खंडित जनादेश में बदल दिया। हालांकि, यह एक करीबी संयोजन नहीं था। लिहाजा, लोकसभा चुनाव 2019 में शनि कइयों को परेशान कर सकता है।

??मोदी सरकार को मिलेगा बहुमत
हालांकि, शनि-केतु की युति त्रिशंकु संसद का भी संकेत देती है। पंडित दयानन्द शास्त्री बताते हैं कि शनि-केतु के घनिष्ठ संयोजन से मोदी सरकार को अच्छे बहुमत के साथ वापसी करने में मदद मिलेगी।

ध्यान देने वाली बात यह हैं कि वक्री शनि-केतु युति भी एनडीए को वर्तमान जनादेश को पार करने में मदद कर सकता है। राजग के पास सत्ता को बनाए रखने का निश्चित मौका है।

??परिणाम दिनांक पर जटिल ग्रहों का संयोजन-

इसके साथ ही चुनाव परिणाम की तिथि पर चंद्रमा का गोचर शनि और केतु के साथ करीबी युति बनाएगा। इस पर मंगल की सीधी दृष्टि होगी। ऐसे में चुनाव के नतीजों को समझ पाना वाकई मुश्किल है। परिणाम दिनांक का लग्न चार्ट सत्तासीन एनडीए गठबंधन के लिए लाभ का प्रबल संकेत देता है।

मंगल का विघटनकारी पारगमन
यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि चुनाव परिणाम की तारीख तक, मंगल का पारगमन बहुत महत्वपूर्ण होगा।

विशेषकर रोहिणी नक्षत्र में वृषभ के राशि से मंगल का पारगमन तनाव बढ़ा सकता है। शनि-केतु की युति 7 मई 2019 से मंगल-राहु की युति के सामने होगी।

7 अप्रेल और 22 जून 2019 के बीच की अवधि अत्यधिक संवेदनशील और जटिल हो सकती है। 22 जून 2019 तक की पूरी अवधि जो संयोगवश भारतीय आम चुनावों को संचालित करती है, बहुत विघटनकारी हो सकती है।

इस चरण के दौरान होने वाली कोई भी घटना लोकसभा चुनावों के परिणाम पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है। इसके अतिरिक्त इस अवधि में भीषण अग्निकांड, हिंसा, दंगें, आतंकी घटना में जनहानि सम्भव हैं।