Giving information about cancer and other diseases in the KTPA training on Raja garden metro station police station, the cancer specialist informed.
राजागार्डन मेट्रो स्टेशन पुलिसथाना पर केाटपा प्रशिक्षण में कैंसर व अन्य बीमारियेां की जानकारी देते हुए कैंसर रोग विशेषज्ञ।

 

नई दिल्ली 10 जनवरी। राजधानी के सभी मेट्रो स्टेशन परिसर व उसके आसपास धूम्रपान उत्पादों का उपभोग करने वालों से दिल्ली पुलिस केाटपा में चालान करेगी।

इसके लिए सभी मेट्रो स्टेशन परिसर व उसके आसपास (स्टेशन के मुख्य द्वार के बाहर व पार्किंग क्षेत्र) को तंबाकू मुक्त करने के लिए सभी मैट्रो पुलिस अधिकारियेां को केाटपा (सिगरेट एंव अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम 2003) अधिनियम की तकनीकी जानकारी, तंबाकू व अन्य धूम्रपान उत्पादों के उपभोग से हेाने वाले दुष्प्रभाव के बारे में प्रशिक्षण के माध्यम से बताया जा रहा है।

दिल्ली मैट्रो पुलिस के डीसीपी दिनेश कुमार गुप्ता के निर्देश पर संबध हैल्थ फाउंडेशन (एसएचएफ) व मैक्स इंडिया फाउंडेशन के तकनीकी सहयेाग से आयोजित कार्यशाला में समस्त मैट्रो पुलिस स्टेशन के अधिकारियेां को राजा गार्डन मैट्रेा पुलिस स्टेशन पर गुरुवार को प्रशिक्षण दिया गया।

इसके तहत 16 मेट्रो पुलिसथानेां के अधिकारियेां को प्रशिक्षण दिया गया है। इस दौरान मैक्स अस्पताल, शालीमार बाग के ऑन्कोलॉजिस्ट व वॉयस ऑफ टोबैको विक्टिम्स (वीओटीवी) के पैट्रन डॉ.सौरभ गुप्ता ने कहा, “धूम्रपान से 90 प्रतिशत फेफड़ों का कैंसर होता है। इससे परिवार को जीवन की गुणवत्ता मंें कमी, उत्पीड़न और वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

निष्क्रिय धूम्रपान समान रूप से हानिकारक है और 10 प्रतिशत मौतों का प्रमुख कारण है। इसलिए हम सभी को मिलकर इसके लिए सकारात्मक ढंग से काम करना होगा।

इसलिए पुलिस अधिकारियों का भी दायित्व बनता है कि वे इसे रोकने के लिए सिगरेट एंव अन्य तबंाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा 2003) का पूरी तरह से अनुपालना करावे। जिससे कि बच्चों व युवाअेां को इससे बचाया जा सके।

दिल्ली में 25 लाख से अधिक लोग किसी न किसी रूप में तम्बाकू का उपभोग करते हैं, जिनमें लगभग 19,000 लोगों की प्रतिवर्ष तम्बाकू से होने वाली बीमारियों के मौत हो जाती है।

ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे 2016-17 के अनुसार, दिल्ली में लगभग 30 प्रतिशत वयस्क सार्वजनिक स्थानों पर निष्क्रिय धूम्रपान के शिकार होते हैं। इनमें से 17.3 प्रतिशत वयस्क सार्वजनिक परिवहन में निष्क्रिय धूम्रपान के शिकार होतें है।

जबकि देश में 25.7 प्रतिशत वयस्क निष्क्रिय धूम्रपान के शिकार हेा रहें हैं। रेलवे पुलिस उपायुक्त व मेट्रो पुलिस प्रभारी दिनेश कुमार गुप्ता ने कहा, रेलवे पुलिस की तरह, मेट्रो पुलिस भी अपने अधिकार क्षेत्र में निष्क्रिय धूम्रपान के माध्यम से दूसरों को असुविधा का कारण बनने वाले धूम्रपान करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। 

गुप्ता ने यह भी बताया कि सभी मेट्रो स्टेशन तम्बाकू-मुक्त क्षेत्र हैं और मेट्रो में ’नो स्मोकिंग’ के बोर्ड प्रमुखता से प्रदर्शित होते हैं, फिर भी लोग स्टेशनों के गेट पर धूम्रपान करते है जो दूसरों को दुष्प्रभावित करते हैं। इस स्थिति में अब पुलिस उल्लंघनकर्ताओं पर कार्रवाई करेगी और धूम्रपान न करने वालों को निष्क्रिय धूम्रपान से बचाएगी।

संबध हैल्थ फाउंडेशन (एसएचएफ) के सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर डॉ.सोमिल रस्तोगी ने पुलिस अधिकारियों को केाटपा के प्रावधानों की तकनीकी जानकारी दी।प्रतिदिन 28 लाख लोग यात्रियेंा पर रहेगी नजरसभी 16 मेट्रो पुलिस स्टेशन इस अभियान में भाग लेंगे।

केाटपा पर प्रशिक्षण ले रहे पुलिस अधिकारी व अन्य।

केाटपा पर प्रशिक्षण ले रहे पुलिस अधिकारी व अन्य।

दिल्ली मेट्रो में 327 किमी लंबा ट्रैक है और इस पर 236 मेट्रो स्टेशन का नेटवर्क है। मेट्रो से लगभग 28 लाख लोग रोजाना आवाजाही करते हैं। दिल्ली मेट्रो पुलिस की जिम्मेदारी दिल्ली स्थित मेट्रो स्टेशनों की है।  

यह अभियान दिल्ली पुलिस द्वारा संबध हैल्थ फाउंडेशन (एसएचएफ) व मैक्स इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से शुरू किए गए एक अभियान का हिस्सा है। एक महीना पहले, रेलवे पुलिस के साथ इसी तरह की एक कार्यशाला आयोजित की गई थी। जिसके बाद वंहा पर केाटपा में कार्रवाई की जा रही है और सभी धूम्रपान निषेध के साइन बोर्ड भी लगाए भी गए है।