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जयपुर, 19 जनवरी। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रमेशचन्द मीणा ने शनिवार को बताया कि राज्य में खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्र लाभार्थियों को नियमित खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए पोस मशीनों [POS Machine] का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा के तहत ऎसे लाभार्थी जो वृद्धजन या श्रमिक बन्धु अथवा किसी वजह से अंगूठे के माध्यम से बायोमैट्रिक प्रमाणीकरण द्वारा राशन प्राप्त नहीं कर पाते है। वे अब आईस्केनर या मोबाईल ओटीपी से राशन प्राप्त करने के हकदार होंगे।

उन्होंने बताया कि राज्य में प्राप्त लाभार्थी उचित मूल्य की दुकान पर जाकर बायोमैट्रिक प्रमाणीकरण से राशन प्राप्त करता है। कभी-कभी लाभार्थी का अंगूठे के माध्यम से प्रमाणीकरण नहीं हो पाता है तो जहां-जहां आईस्केनर उपलब्ध है ऎसे लाभार्थी आईस्केनर के माध्यम से भी अपना ऑथेंटिकेशन करवा सकता है। उन्होंने बताया कि बायोमैट्रिक प्रमाणीकरण के द्वारा पात्र लाभार्थियों को दी जा रही खाद्य सुरक्षा का उद्देश्य उनके हक को सुरक्षित करना है।

शासन सचिव, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मुग्धा सिन्हा ने बताया कि यदि किन्हीं कारणों से किसी लाभार्थी का अंगूठे या आंखों की पुतलियों का बायोमैट्रिक ऑथेंटिकेशन नहीं हो पाता है तो उचित मूल्य की दुकान का संचालक पात्र लाभार्थी को खाद्यान्न देने से मना नहीं कर सकता है। उन्होंने बताया कि ऎसे प्रकरणों में लाभार्थी के पंजीकृत मोबाईल पर ओटीपी जनरेट कर उसे खाद्यान्न उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

पांच अधिकारियों की पहचान पर भी मिल सकेगा खाद्यान्न
 सिन्हा ने बताया कि यदि पात्र लाभार्थी के पास मोबाईल नम्बर नहीं है तो क्षेत्र के जिला रसद अधिकारी, उपखण्ड अधिकारी, ब्लॉक विकास अधिकारी, अधिशाषी अधिकारी एवं प्रवर्तन निरीक्षक के द्वारा लाभार्थी की पहचान कर दी जाती है तो लाभार्थी को बायपास पद्धति द्वारा खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार का यह प्रयास है कि पात्र लाभार्थी खाद्यान्न से वंचित न रहे।