land record digitization rajasthan

जयपुर 28 जनवरी। काश्तकारों के भूमि सम्बन्धी रिकॉर्ड को नयी तकनीक से से अपडेट करने तथा ऑनलाइन करते हुये पारदर्शी बनाने के लिये राजस्व विभाग मे डिजिटल इण्डिया लेण्ड रिकार्ड मॉडर्नाईजेशन कार्यक्रम को पायलट परियोजना के रूप में लेते हुए काम शुरू कर दिया है।

अतिरिक्त भूप्रबंध आयुक्त, राजस्थान रामनिवास जाट ने बताया कि राजस्व मंत्री हरीश चौधरी तथा राज्य मंत्री भंवर सिंह भाटी के निर्देशानुसार लेण्ड रिकार्ड मॉडर्नाईजेशन के कार्य को गति दी जा रही है।

उन्होेंने बताया कि गत पखवाडे राजस्व विभाग ने भूमि रिकॉर्ड की आधुनिक तकनीक के विशेषज्ञों के साथ मैराथन बैठक करते हुए पुराने नियमों में संशोधन तथा नई पद्धतियों को अंगीकार करने की योजना तैयार की है। अब मंगलवार, 29 जनवरी को मुख्य सचिव डीबी गुप्ता संभागीय आयुक्तों तथा जिला कलक्टर के साथ वीसी करेगें तथा अगले एक माह के भीतर राज्य की समस्त तहसीलों का रिकॉर्ड ऑनलाइन करने तथा सर्वे और री-सर्वे के लिए भू प्रबंधन विभाग को उपलब्ध करवाने का समयबद्ध कार्यक्रम तय किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि गत 65 सालों के दौरान भू प्रबंध विभाग द्वारा पुरानी व लट्ठा जरीब पद्धति से तैयार नक्शे, जमाबंदिया तथा नामान्तरकरण प्रक्रिया नई तकनीक के अनुकूल नही रहने के कारण विभाग की प्रासंगिकता कम होती जा रही थी विभाग ने अपने आपको समय के अनुकूल बनाने के लिये लैण्ड रिकॉर्ड डिजिटाइजेशन [land record digitization] पर मिशन मोड पर काम करना शुरू कर दिया है ताकि काश्तकारों की पटवारियों पर निर्भरता कम हो तथा उन्हें समस्त रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध करा सकें।