manvendra singh may be join congress In Navratri

जयपुर न्यूज़ / राजस्थान विधानसभा चुनाव में इस बार भाजपा को सबसे बड़ी टक्कर अपनी ही पार्टी से बगावत कर चुके नेता दे रहे हैं जिनमे जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह भी हैं,भाजपा छोड़ चुके मानवेंद्र कांग्रेस कब ज्वाइन करेंगे या किसी और पार्टी का दामन थामेंगे अभी तक स्पष्ट नहीं हुवा हैं,सूत्रों के हवाले से खबर हैं कि श्राद्ध पक्ष के बाद नवरात्रि में मानवेंद्र सिंह कांग्रेस पार्टी में शामिल हो सकते हैं.

मानवेंद्र सिंह ने हाल ही में पचपदरा में स्वाभिमान रैली में भाजपा छोड़ने की घोषणा तो कि मगर उसके बाद कांग्रेस या अन्य किसी पार्टी में जाने की बात नहीं बताई हैं,ऐसे में राजनीति के विश्लेषक कयास लगा रहे हैं कि कांग्रेस में जाने की मानवेंद्र सिंह की क्या संभावना हो सकती हैं .

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एक न्यूज़ पोर्टल का दावा हैं कि नवरात्रि में मानवेंद्र सिंह कांग्रेस पार्टी ज्वाइन कर सकते हैं, मानवेंद्र सिंह के करीबी पत्रकार मित्र के हवाले से न्यूज़ पोर्टल ने लिखा हैं कि “पेशे से दिल्ली में पत्रकार रह चुके मानवेंद्र और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बीच प्रगाढ़ संबंध हैं. वे आगे कहते हैं कि दिल्ली (कांग्रेस) से किसी ठोस आश्वासन के बिना चार साल तक धैर्य रखने वाले मानवेंद्र इतना बड़ा निर्णय नहीं लेते. वे आगे कहते हैं, ‘चूंकि श्राद्ध पक्ष के दौरान कोई शुभ कार्य करना वर्जित समझा जाता है. इसलिए किसी बड़ी घोषणा के लिए उचित समय का इंतजार किया जा रहा है.’

वंही कुछ लोग मान रहे हैं कि चूँकि मानवेंद्र सिंह खुद विधानसभा का चुनाव ना लड़कर अपनी पत्नी चित्रा सिंह को विधानसभा में भेजना चाहते हैं और उनके लिए सुरक्षित सीट की तलाश कर रहे हैं . ऐसा माना जा रहा हैं कि चित्रा सिंह शिव से ही विधानसभा चुनाव लड़ेगी अगर किसी वजह से उनको कांग्रेस यंहा का टिकट नहीं देती हैं तो राजपूत बाहुल्य जालोर और सिरोही से चित्रा सिंह टिकट की मांग करेगी .कांग्रेस पार्टी सिवाना से भी चित्रा सिंह को टिकट दे सकती हैं .

राजस्थान में कांग्रेस के प्रमुख नेता अशोक गहलोत का रूख भी अभी तक मानवेंद्र सिंह को लेकर स्पष्ट नही हुवा हैं ,गहलोत को डर है की मानवेंद्र सिंह के चलते बाड़मेर कांग्रेस के नेता हरीश चौधरी या अमीन खान नाराज ना हो जाए.

इसके अलावा लोगो का ये भी कहना हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत नहीं चाहते कि पश्चिमी राजस्थान में उनके सिवाय कोई दूसरा कद्दावर नेता उभरे. या फिर इलाके के जाट मानवेंद्र सिंह के आने से कांग्रेस से नाराज़ हो सकते हैं.वंही अशोक गहलोत कर्नल सोनाराम की वापसी के सभी दरवाजे भी बंद करना चाहते हैं .