Dipr Scam mercury design private limited

जयपुर। 

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग राजस्थान सरकार के द्वारा राजस्थान सरकार की योजनाओं परियोजना नीतियों के सोशल मीडिया पर प्रचार प्रसार के लिए दिए गए टेंडर में कथित तौर पर 20 करोड रुपए के घोटाले की आशंका जताई गई है।

डीआईपीआर डिपार्टमेंट के द्वारा एक दिसम्बर 2017 में 30 नवम्बर 2018 तक के लिए प्रतिमाह 2.30 लाख रुपए के हिसाब से सोशल मीडिया प्रचार प्रसार हेतु टेंडर दिया गया था।

विभागीय के मुताबिक डिपार्टमेंट के द्वारा मरकरी कम्युनिकेशन एंड डिजाइन प्राइवेट लिमिटेड को यह टेंडर दिया गया था, लेकिन 5 अक्टूबर को राज्य में विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के कारण टेंडर प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया।

सामने आया DIPR में 20 करोड़ का सोशल मीडिया टेंडर घोटाला!

डीआईपीआर ने 6 अक्टूबर 2018 की तारीख को मरकरी कम्युनिकेशन को एक लेटर लिखते हुए टेंडर प्रक्रिया निरस्त किए जाने और फेसबुक, टि्वटर समेत तमाम सोशल मीडिया माध्यमों की यूजर नेम और पासवर्ड सीलबंद लिफाफे में वापस विभाग को दिए जाने को कहा है।

विभागीय सूत्रों का दावा है कि सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगने के कारण विभाग के द्वारा मरकरी कम्युनिकेशन को दिए जाने वाले 20 करोड में के ठेके भी निरस्त करते हुए वापस ले लिए हैं।

गौरतलब है कि सूचना एवं जनसंपर्क विभाग विज्ञान और प्रक्रिया सरकार के कार्यों के प्रचार प्रसार समेत अनेक तरह के ठेके देकर काम करवाता है, जिसकी प्रक्रिया हमेशा ही विवादों में रहती रही है।

साल 2013 में भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सीएम आवास पर रात को 12:00 बजे करीब 500 करोड़ के विज्ञापनों की फाइलें साइन होने और अप्रूव होने की बातें सामने आई थी। जिस के प्रारंभिक जांच में सीआईडी ने सही पाते हुए सीबीआई से जांच करने की अनुशंषा की थी।