the Rajasthan assembly elections 2018

बीकानेर। चुनावी सरगर्मियों के बीच चौंकाने वाली खबर है आई कि बीकानेर पूर्व में वोटरों को लुभाने के लिये एक मालदार प्रत्याशी चांदी की पायलें और सिक्के बांट रहा है,जबकि निर्वाचन विभाग अधिकारियों ने इस खबर की पुष्टी नहीं की है,लेकिन चौकसी बढा दी है।

वहीं नोखा इलाके में दिग्गज प्रत्याशी द्वारा दलित वोटरों की खरीद-फरोख्त की आंशका को देखते हुए निर्वाचन विभाग और पुलिस की टीम ने सतर्कता बढा दी है। यह भी पुख्ता खबर है कि जिले में बीकानेर पूर्व और नोखा ऐसी हाईप्रोफाइल सीटें हैं, जिन्हें आयकर विभाग ने अपने राडार पर रखा है। इन सीटों पर जीत के लिये दिग्गज प्रत्याशी वोटरों को रिझाने के लिये नगदी,गहने और शराब बांटने से भी परहेज नहीं कर रहे है।

जानकारी में रहे कि चुनावी खर्च के लिहाज से नोखा सीट पहले से ही चिन्हित थी,इस बार बीकानेर पूर्व सीट को खास तौर से राडार में लिया है। जानकारी के अनुसार निर्वाचन विभाग के व्यय पर्यवेक्षक भी यह पता लगाने में जुटे है कि कौनसा प्रत्याशी वोटरों के लुभाने के लिये औच्छे हथकंण्डे अपना रहा है।

आयकर विभाग अधिकारियों ने साफ तौर पर संकेत दिये है कि बीकानेर पूर्व और नोखा में दिग्गज प्रत्याशियों ने यदि अपनी हैसियत से ज्यादा खर्च किया तो उनसे पूछताछ भी हो सकती है।

विभाग इसके लिए प्रत्याशियों के खर्च का ब्योरा, पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट और अपने खुफिया विंग की सूचनाओं का परीक्षण भी करेगा। वहीं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ.एनके गुप्ता का कहना है कि वोटरों को लुभाने के लिये औच्छे हथकंडे अपनानों वालों के खिलाफ प्रभावी ढंग से कार्यवाही की जायेगी।

फिलहाल इस मामले में किसी प्रकार शिकायत नहीं मिली है और बीकानेर में चुनावी तैयारिया शांति पूर्वक चल रही है। जानकारी में रहे कि चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव में हर प्रत्याशी के लिए 28 लाख रुपए तक खर्च करने की अधिकतम सीमा तय की है। खर्च यदि 28 लाख रुपए से ज्यादा हुआ तो प्रत्याशी अयोग्य भी घोषित हो सकता है। यह खर्च प्रत्याशी को उसकी पार्टी भी दे सकती है, वह अपने समर्थकों से जुटा सकता है अथवा स्वयं भी वहन कर सकता है।

हालांकि होता यह है कि प्रत्याशी भले ही करोड़ों खर्च कर दे, लेकिन उसका प्रयास रहता है कि सारा खर्च 15-17 लाख रुपए के बीच ही समेट दे।