pratap puri ji maharaj after pokhran election

राजस्थान विधानसभा चुनाव की सबसे हॉट सीट पोकरण पर हुवे चुनावी मुकाबले में बीजेपी से प्रत्याशी महंत प्रताप पुरी जी महाराज की जीत लगभग तय मानी जा रही थी. राजनितिक विश्लेषकों के साथ ही फलोदी सट्टा बाजार भी गाजी फ़क़ीर के पुत्र शाले मोहम्मद की हार मानकर चल रहा था मगर गाजी फ़क़ीर के धनबल के आगे प्रताप पुरी जी महाराज टिक नहीं पाए और करीब आठ सौ वोटों से अप्रत्याशित रूप से हार गए थे .

सूत्र बताते हैं  कि कांग्रेस प्रत्याशी शाले मोहम्मद द्वारा पोकरण विधानसभा में खुलेआम शराब और पैसो का वितरण किया गया था. दिधू गाँव और नाचना क्षेत्र में पुलिस कार्यवाही भी हुई और ऑडियो भी वायरल हुवा जिसमें शाले मोहम्मद के एक रिश्तेदार ने दस हजार वोटों का सौदा होने की बात भी कही थी .

11 दिसंबर को मतगणना के नतीजे आने और हार के बाद प्रताप पुरी जी महाराज अपने तारातरा मठ चले गए थे इसी के साथ सोशल मीडिया पर कांग्रेस समर्थकों द्वारा प्रताप पुरी महाराज पर फब्तियां कसी जाने लगी कि वो फ़क़ीर का अंत करने आये थे पर संत का खुद का अंत हो गया . प्रतापपुरी महाराज हारकर अपने मठ चले गए हैं और फिर कभी वापिस पोकरण नहीं आयेंगे.

मगर प्रताप पुरी जी महाराज सबको चौंकाते हुवे दुसरे ही दिन ना सिर्फ पोकरण आये बल्कि पोकरण एसडीएम कार्यालय के सामने लाठी दंगे में मारे गए जुगताराम सुथार की लाश लेकर धरने पर बैठ गए और दंगे के आरोपियों पर हत्या की धारा लगवाई और जुगताराम के परिवार की आर्थिक सहायता भी दिलाई.

15 दिसंबर को उन्होंने अपने सभी समर्थकों को पोकरण मिलने के लिए बुलाया और कहा कि अब वो कंही नहीं जायेंगे , पोकरण की धरती पर स्थित चंदोलाई में अपना धूना चेतन करेंगे और यंहा के लोगो की सेवा करेंगे . चुनाव में हार से दुखी कार्यकर्ताओं को उन्होंने सोशल मीडिया के जरिये संबोधित भी किया और कहा कि वो जिस उद्देश्य से चुँनाव लड़ने आये वो सफल रहा हैं . पोकरण के हजारों लोगो ने रात दिन मेहनत कर उनका चुनाव में साथ दिया उनका भी आभार व्यक्त किया .

उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्र में समरसता को बिगड़ने नहीं देंगे और आंतकियो की किसी भी घटना का मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा. गौ माता और राष्ट्र के लिए कार्य करने का उनका संकल्प इस चुनाव में हार से किंचित मात्र भी कमजोर नहीं हुवा हैं .