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जयपुर 04, जनवरी।  पशुपालन मंत्री लाल चंद कटारिया ने पशुचिकित्सा से जुड़े कार्मिकों को हिदायत देते हुए कहा अगर उन्होंने पशुचिकित्सा सेवाओं में लापरवाही बरती, तो सम्बंधित के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।  कटारिया शुक्रवार को पशुधन भवन में पशुपालन और मत्स्य विभाग की समीक्षा बैठक को सम्बोधित कर रहे थे।

उन्होंने पशुचिकित्सा से जुड़े कार्मिकों को पशुचिकित्सा संस्थाओं में पूरे समय उपस्थि्त रहने और दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पशुपालकों के हित में सरकार कठोर कदम उठाने से नहीं हिचकेगी। 

पशुपालन मंत्री ने कहा कि लम्बे समय से लंबित पशुचिकित्सकों की भर्ती से सम्बंधित प्रकरण को निस्तारित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को  राजस्थान लोक सेवा आयोग और कार्मिक विभाग से समन्वय स्थापित करते हुए भर्ती प्रक्रिया को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।

उन्होंने विभागीय अधिकारियों को सरकार का विजन बताते हुए उसके अनुसार काम करने की बात कही।उन्होंने कहा कि पशु चिकित्सा सेवाओं के विस्तार के साथ पशुपालकों की समस्याओं का प्राथमिकता के साथ समाधान किया जाएगा। पशुमेलों में घटती पशुधन संख्या पर चिंता जताते हुए उन्होंने पशुमेलों के व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने खुरपका मुंहपका नियन्त्रण अभियान की जानकारी ली और फरवरी माह में चलाए जाने वाले 8 वें चरण को सुचारू रूप से चलाने के निर्देश दिए। 

मत्स्य विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य मत्स्यपालकों के सशक्तीकरण के साथ मत्स्य से होने वाली राजस्व आय को बढ़ाना है। बैठक में पशुपालन एवं मत्स्य विभाग के प्रमुख शासन सचिव आर. वेंकेटश्वरन, मत्स्य आयुक्त यज्ञ मित्र सिंह देव, पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. शैलेष शर्मा सहित पशुपालन और मत्स्य विभाग के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।