1332 birds wounded by kite knot

जयपुर। पतंग की डोर से घायल पक्षियों की मदद के लिए राजस्थान जनमंच एवम् पक्षी चिकित्सालय मालवीय नगर द्वारा जयपुर के अलग-ंअलग क्षेत्रों में 15 पक्षी सहायता केन्द्र स्थापित किए गए थे। तीन दिवसीय अभियान में 1332 पक्षी घायल अवस्था में लाए गए।

पक्षी चिकित्सालय के संस्थापक कमल लोचन ने बताया कि संस्था के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. पुरुषोत्तम शर्मा एवं सहयोगी हनुमान ,शिवनंदन, हेमराज डॉ. मनोज एवं वेटेनरी टीम के सहयोग से पक्षी चिक्तिसा का कार्य नियमित रूप से किया जा रहा हैं तथा शाम को स्वस्थ होने वाले पक्षियों को खुले आसमान में छोड़ दिया जाता है।

कमल लोचन ने बताया कि त्रिवेणी चौराहा, सांगानेर, राजापार्क, विद्याद्यर नगर, झोटवाड़ा आदि केन्द्रों से सर्वाधिक पक्षियों का सकंलन कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया।

उन्होनें बताया कि घायल पक्षियों में सर्वाधिक संख्या में कबूतरों के अलावा कमेड़ी, तोते, हरियल के साथ-ंसाथ चील, बाज आदि पक्षी भी ईलाज के लिए लाए गए। अधिकतर
पक्षियों को प्राथमिक चिकित्सा के उपरांत पुनः खुले आसमान में उड़ा दिया गया। कुछ पक्षियों की अधिक खून बह जाने के कारण मृत्यु भी हो गयी। शेष पक्षियों को मालवीय नगर स्थित पक्षी चिकित्सालय के वार्डों में शिफ्ट किया गया है।

उन्होने बताया कि आज शाम तीन दिवसिय कैम्पों का समापन हुआ। लेकिन कैलगिरी रोड मालवीय नगर स्थित पक्षी चिकित्सालय में निःशुल्क चिकित्सा एवं सेवा का कार्य जारी रहेगा। कोई भी व्यक्ति यहाँ घायल पक्षियों को चिकित्सा के लिए ला सकते है।