25 Important Things of the Life of Subhash Chandra Bose
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  1. सुभाष चन्द्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को तथा मृत्यु 18 अगस्त 1945 को हुई थी.
  2. उन्हें सुबास बाबु या नेताजी के नाम से भी जाना जाता था. In English Subhash Chandra Bose.
  3. सुभाष चन्द्र बोस भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के अग्रणी नेता थे.
  4. दुसरे विश्वयुद्ध (Second World War ) जो 1939 से 1945 तक चला के दौरान
    4 जुलाई 1943 को 46 वर्षीय सुभाष चन्द्र बोस को आजाद हिन्द फौज या इन्डियन नेशनल आर्मी (INA) का सर्वोच्च कमांडर घोषित किया गया.
  5. रासबिहारी बोस ने 1942 में जापान की सहायता से दक्षिण-पूर्वी एशिया से जापान द्वारा एकत्रित क़रीब 40,000 भारतीय स्त्री-पुरुषों की प्रशिक्षित सेना का गठन कर उसे आज़ाद हिन्द फ़ौज ( Azad Hind Fauj -Indian National Army) का नाम दिया था.
  6. सुभाष चन्द्र बोस का दिया गया नारा “जय हिन्द-Jai Hind ” भारत का राष्ट्रीय नारा बन गया हैं. भारत की सभी सशस्त्र सेनाओं और पुलिस में इसे अनिवार्य रूप से अभिवादन और सलामी के रूप में प्रयोग किया जाता हैं .
  7. “तुम मुझे खून दो मैं तुम्हे आजादी दूंगा” का नारा भी सुभाष चन्द्र बोस ने दिया जो काफी प्रचलित हुवा था.
  8. 21 अक्टूबर 1943 को सुभाष चन्द्र बोस ने आजाद हिन्द फौज के सर्वोच्च सेनापति की हैसियत से स्वतन्त्र भारत की पहली अस्थायी सरकार बनायी जिसे जर्मनी, जापान, फिलीपींस, कोरिया, चीन, इटली, मान्चुको और आयरलैंड ने मान्यता दी थी. इस तरह से देखा जाए तो बोस भारत के पहले प्रधानमंत्री थे.
  9. जापान ने अंडमान व निकोबार द्वीप इस अस्थायी भारत सरकार को दे दिये जिनका नामकरण बोस ने किया.
  10. सुभाष चन्द्र बोस ने 5 जुलाई 1943 को सिंगापुर के टाउन हाल के सामने आजाद हिन्द फौज के ‘सुप्रीम कमाण्डर’ के रूप में सेना को सम्बोधित करते हुए “दिल्ली चलो!” का नारा दिया और जापानी सेना के साथ मिलकर ब्रिटिश व कामनवेल्थ सेना से बर्मा सहित इम्फाल और कोहिमा में जमकर मोर्चा लिया.
  11. 1944 को आजाद हिन्द फौज ने अंग्रेजों पर दोबारा आक्रमण किया और कुछ भारतीय प्रदेशों को अंग्रेजों से मुक्त भी करा लिया. कोहिमा का युद्ध 4 अप्रैल 1944 से 22 जून 1944 तक लड़ा गया एक भयंकर युद्ध था.
  12. 18 अगस्त 1945 को नेताजी सुभाष चन्द्र बोस हवाई जहाज से मंचूरिया की तरफ जा रहे थे. इस सफर के दौरान वे लापता हो गये. इस दिन के बाद वे कभी किसी को दिखायी नहीं दिये.
  13. भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार से प्राप्त दस्तावेज़ के अनुसार सुभाष चन्द्र बोस की मृत्यु 18 अगस्त 1945 को ताइहोकू के सैनिक अस्पताल में रात्रि 21.00 बजे हुई थी.
  14. स्वतन्त्रता के पश्चात् भारत सरकार ने इस घटना की जाँच करने के लिये 1956 और 1977 में दो बार आयोग नियुक्त किया.दोनों बार यह नतीजा निकला कि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस उस विमान दुर्घटना में ही मारे गये.
  15. सुभाष चन्द्र बोस ने एक आस्ट्रेलियन महिला एमिली शेकल( Emilie Schenkl ) से प्रेम विवाह किया था जिससे उनकी एक बेटी है जिसका नाम अनिता बोस फाफ ( Anita Bose Pfaff )हैं .
  16. सुभाषचन्द्र बोस का जन्म 23 जनवरी सन् 1897 को ओड़िशा के कटक शहर में हुआ था,उनके पिता का नाम जानकीनाथ बोस और माँ का नाम प्रभावती था. जानकीनाथ बोस कटक शहर के मशहूर वकील थे.
  17. सुभाष चन्द्र बोस के 6 बहन और 7 भाई थे, उनका नंबर पांचवा था.
  18. मात्र पन्द्रह वर्ष की आयु में सुभाष चन्द्र बोस ने स्वामी विवेकानन्द साहित्य का पूर्ण अध्ययन कर लिया था.
  19. 49वीं बंगाल रेजीमेण्ट में भर्ती के लिये बोस ने परीक्षा दी किन्तु आँखें खराब होने के कारण उन्हें सेना के लिये अयोग्य घोषित कर दिया गया था.
  20. 20 जुलाई 1921 को गाँधी जी और सुभाष के बीच पहली मुलाकात हुई, गाँधी जी ने उन्हें कोलकाता जाकर दासबाबू के साथ काम करने की सलाह दी.
  21. 26 जनवरी 1931 को कोलकाता में राष्ट्र ध्वज फहराकर सुभाष एक विशाल मोर्चे का नेतृत्व कर रहे थे तभी पुलिस ने उन पर लाठी चलायी और उन्हें घायल कर जेल भेज दिया, गाँधी जी ने अंग्रेज सरकार से समझौता किया और सब कैदियों को रिहा करवा दिया मगर भगत सिंह को रिहा नहीं करवाया. भगतसिंह को फांसी से बोस और गांधीजी में अनबन हो गयी.
  22. अपने सार्वजनिक जीवन में सुभाष बोस कुल 11 बार जेल में भेजे गए थे.
  23. सन् 1933 से लेकर 1936 तक सुभाष चन्द्र बोस यूरोप में तपेदिक के इलाज के लिए रहे, वहाँ वे इटली के नेता मुसोलिनी से मिले, जिन्होंने उन्हें भारत के स्वतन्त्रता संग्राम में सहायता करने का वचन दिया.
  24. 3 मई 1939 को सुभाष ने कांग्रेस के अन्दर ही फॉरवर्ड ब्लॉक के नाम से अपनी पार्टी की स्थापना की थी .
  25. कलकत्ता स्थित हालवेट स्तम्भ जो भारत की गुलामी का प्रतीक था सुभाष की यूथ ब्रिगेड ने रातोंरात वह स्तम्भ मिट्टी में मिला दिया. सुभाष के स्वयंसेवक उसकी नींव की एक-एक ईंट उखाड़ ले गये.