Memory forest area for peacock protection

जयपुर 29 जनवरी। जयपुर में मोर संरक्षण के लिए स्मृति वन क्षेत्र (45 हैक्टेयर) तथा ग्राम फॉर्म नर्सरी कैम्पस (25 हैक्टेयर) का चयन किया गया है, इन स्थानों पर फरवरी माह में पर्याप्त संख्या में वनकर्मियों को लगाकर मोरों की पुनः गणना होगी। यह जानकारी मंगलवार को जिला कलेक्ट्रेट में राष्ट्रीय मक्षी मोर के शिकार की रोकथाम एवं संरक्षण के लिए गठित जिला स्तरीय समिति की बैठक में दी गई। 

बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (द्वितीय) नरेश कुमार मालव ने निर्देश दिये कि जहरीला दाना डालकर मोर का शिकार करने वाले लोगों पर कड़ी निगाह रखें। ऎसे लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही की जाए। उन्होंने कृषि विभाग के माध्यम से किसानों को खेतों में पेस्टीसाईट्स (कीटनाशक) की उचित मात्रा का ही प्रयोग करने के बारे में जागरूक करने की आवश्यकता जताई। अत्यधिक पेस्टीसाईट्स के कारण मोरों की सेहत पर विपरीत प्रभाव पडता है।

बैठक में बताया गया कि जयपुर जिले के वर्ष 2018 में बुद्ध पर्णिमा (30 अपे्रल 2018) को वन क्षेत्रों एवं वन मंडलवार मोरों की गणना हुई, इसमें मोरों की संख्या 6 हजार 751 पाई गयी। इससे पहले 2017 में बुद्ध पूर्णिमा में की गई गणना में जयपुर जिले में मोरों की संख्या 4 हजार 838 थी। इस प्रकार मोर संरक्षण व शिकार की रोकथाम के प्रयासों से मोरों की संख्या में बढोतरी हो रही है। 

बैठक में सहायक वन संरक्षक, जयपुर मनफूल विश्नोई व भवानी सिंह, सहायक वन संरक्षक, सिल्वा रामावतार डूडवाल तथा पुलिस अधीक्षक जयपुर (ग्रामीण) कार्यालय के एसआई मंगला राम सहित संबंधित मौजूद थे।