gupt navratri upaay

Pt. Dayanand Shastri (Astro & Vastu Counsultent)

इस वर्ष माघ मास की गुप्त नवरात्रि शुक्ल पक्ष की प्रथम तिथि धनिष्ठा नक्षत्र में (मंगलवार) 5 फरवरी 2019 से शुरू होकर माघ मास की शुकल पक्ष की नवमी तिथि रोहिणी नक्षत्र में गुरुवार 14 फरवरी 2019 को समाप्त हो रही हैं।

साधक गुप्त नवरात्र पर्व में नौ दिनों तक माता के नौ स्वरूपों की पूजा और साधनाएं करते हैं। गुप्त नवरात्रि में तंत्र शास्त्र के अनुसार उपाय करने से शीघ्र ही शुभ फल मिलते हैं। गुप्त नवरात्रि में गुप्त नवरात्रि के उपाय करने से धन, संतान, विवाह, नौकरी, प्रमोशन, स्वास्थ्य में लाभ मिलता है और सभी बाधाएं और परेशानियां दूर हो जाती है।

इन 9 दिनों में व्रत रखने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। सामान्य नवरात्रि में सात्विक और तांत्रिक पूजा दोनों की जाती है, जबकि गुप्त नवरात्रि में सिर्फ तांत्रिक पूजा ही की जाती है, इसलिए गुप्त नवरात्रि में साधक अपनी साधना को गुप्त रखते हैं, गुप्त नवरात्रि में पूजा जितनी गोपनीय होगी सफलता उतनी ही प्रबल होगी।

गुप्त नवरात्रि के नियम –

  • गुप्त नवरात्रि में सबसे पहले नौ दिनों के लिए कलश की स्थापना करें।
  • एक लकड़ी की चौकी पर लाल पेंट करवाकर लाल कपड़ा बिछाएं और माँ मूर्ति या चित्र की स्थापना करें।
  • इसके बाद माता की चौकी के सामने देसी घी का एकमुखी दीपक जलाएं और माँ दुर्गा का मंत्र “ऊं ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडाय विच्चे” का 108 बार जाप करें।
  • वेला मंत्र, दुर्गा चालीसा या दुर्गा सप्तशती का पाठ करें और सुबह और शाम दोनों समय माता की आरती जरूर गाएं।
  • गुप्त नवरात्रि में नौ दिनों तक स्वच्छ और ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए माता को लौंग, बताशा, पंचमेवा और पान के पत्ते का भोग लगाएं।
  • मात को लाल फूल बहुत प्रिये होते हैं इसलिए मां को लाल फूल चढ़ाएं याद रहे माता को आक, मदार, दूब और तुलसी भूलकर भी ना चढ़ाएं।