women supervisor

जयपुर, 4 फरवरी। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा 6 जनवरी को आयोजित सुपरवाईजर (महिला अधिकारिता) सीधी भर्ती परीक्षा-2018- – women supervisor exam 2018 , परीक्षा कोड 47 का मास्टर प्रश्न पत्र तथा इसकी प्रारम्भिक उत्तर कुंजी बोर्ड की वेबसाईट www.rsmssb.rajasthan.gov.in पर जारी कर दी गयी है।

यदि किसी परीक्षार्थी को प्रश्न पत्र में सम्मिलित किन्हीं प्रश्न अथवा इसके उत्तर के संबंध में कोई आपत्ति हो तो निर्धारित शुल्क के साथ 6 फरवरी से 8 फरवरी  को रात्रि 12 बजे तक अपनी ऑनलाईन आपत्ति बोर्ड की वेबसाईट पर दर्ज करवा सकते हैं। 


बोर्ड सचिव डॉ. मुकुट बी. जांगिड़ ने बताया कि परीक्षार्थियोें को परीक्षा में अलग-अलग सेट के प्रश्न पत्र उपलब्ध कराये गये हैं। अपलोड किये गये मास्टर प्रश्न पत्र में उनको उपलब्ध कराये गए प्रश्न पत्र के सभी प्रश्न अलग-अलग क्रमांक पर सम्मिलित हैं। उनके प्रश्न पत्र में किसी प्रश्न के उत्तर के दिये गये विकल्पों का क्रम भी अपलोड किये गये मास्टर प्रश्न पत्र के प्रश्न के उत्तर के विकल्पों में भिन्न क्रम में हो सकता है।

परीक्षार्थी बोर्ड की वेबसाईट पर अपलोड किये गये मास्टर प्रश्न पत्र की प्रश्न संख्या व उत्तर के विकल्पों के क्रम के आधार पर ही अपनी आपत्तियाँ दर्ज करें।

उन्होंने बताया कि बोर्ड द्वारा प्रत्येक आपत्ति का शुल्क 100 रुपये निर्धारित किया गया है। परीक्षार्थी बोर्ड की वेबसाईट पर उपलब्ध ऑनलाईन आपत्ति के लिंक पर जाकर अपनी SSO आई.डी. के माध्यम से देय शुल्क ई-मित्र पेमेन्ट गेट-वे या ई-मित्र कियोस्क पर, जितने प्रश्नों पर आपत्तियाँ करनी है, उसके अनुसार प्रति प्रश्न 100 रुपये की दर से देय शुल्क का भुगतान करें।

भुगतान के लिए सर्विस चार्जेज ई-मित्र द्वारा अलग से वसूल किया जायेगा। शुल्क के अभाव में आपत्तियाँ स्वीकार नहीं की जायेगी। ऑनलाईन आपत्तियों का लिंक केवल 6 फरवरी से 8 फरवरी को रात्रि 12 बजे तक ही उपलब्ध है, उसके पश्चात् लिंक निष्कि्रय हो जाएगा।

आपत्तियाँ केवल एक बार ही ली जायेगी। आपत्तियों के लिये पोर्टल पर Standard, Authentic पुस्तकों के प्रमाण ही ऑनलाईन संलग्न करें। ऎसे प्रमाण के प्रत्येक पृष्ठ पर अपना रोल नम्बर और संबंधित प्रश्न की क्रम संख्या लिखकर ही अपलोड करें। संदर्भ में पुस्तक का नाम, लेखक एवं लेखकों के नाम, प्रकाशक का नाम, संस्करण वर्ष और पृष्ठ संख्या भी लिखा जाना आवश्यक है। वांछित प्रमाण संलग्न नहीं होने की स्थिति में आपत्तियों पर विचार नहीं किया जायेगा।

बोर्ड के सचिव ने बताया कि परीक्षार्थी द्वारा आपत्ति शुल्क के पेटे अधिक जमा कराई गई राशि का किसी भी स्थिति में रिफण्ड नहीं होगा। इसलिए आवश्यकतानुसार देय शुल्क ही जमा कराये।