राजस्थान कृषक ऋणमाफी योजना हुई लागू, सहकारी बैंकों के 30 नवम्बर 2018 तक बकाया फसली ऋण हुये माफ

Rajasthan farmer loan waiver scheme

जयपुर। सहकारिता मंत्री उदय लाल आंजना ने बुधवार को बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा की गई घोषणा की पालना में प्रदेश के सहकारी बैंकों से जुड़े अल्पकालीन फसली ऋण लेने वाले किसानों के 30 नवम्बर, 2018 की स्थिति में बकाया ऋण की माफी योजना लागू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि सहकारी बैंकों द्वारा ग्राम सेवा सहकारी समितियों के स्तर पर 7 फरवरी, 2018 से शिविर आयोजित कर ऋणमाफी प्रमाण पत्र वितरित किये जायेंगे।

एमटीसी और एमटीसी(आर) श्रेणी के ऋण भी योजना में शामिल

आंजना ने बताया कि मुख्यमंत्री गहलोत के किसानों के हित में ऐतिहासिक एवं साहसिक निर्णय से प्रदेश के इतिहास में पहली बार किसानों के अल्पकालीन फसली ऋण की पूर्ण माफी हो रही है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत की जाने वाली ऋण माफी में हमने किसानों को अधिक राहत देने के लिये ऐसे अल्पकालीन फसली ऋणों को भी सम्मिलित किया है जिन्हें प्राकृतिक आपदा के कारण पूर्व में मध्यकालीन परिवर्तित (एमटीसी) और मध्यकालीन पुनः परिवर्तित (एमटीसी-आर) श्रेणी में ले लिया गया था।

योजना में किसानों के बीच भेदभाव नहीं होने दिया,बटाई पर काश्त करने वाले किसान भी शामिल

उन्होंने कहा कि हमने किसानों में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया है। योजना के तहत सहकारी बैंकों से अल्पकालीन फसली ऋण लेने वाले सीमान्त, लघु एवं अन्य सभी श्रेणी के किसानों को लाभ दिया गया है। उन्होंने बताया कि इनमें खेती करने वाले भूमि मालिक के साथ-साथ बटाई पर काश्त करने वाले किसान भी शामिल हैं।


30 नवम्बर, 18 के बाद ऋण का चुकारा करने वाले किसानों को मिलेगा पात्र माफी राशि का लाभ

सहकारिता मंत्री ने बताया कि जिन किसान भाइयों ने 30 नवम्बर, 2018 के बाद ऋण खाते में पूरी बकाया राशि या आंशिक राशि जमा करा दी है तो उन्हें निराश होने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने बताया कि ऐसे किसानों को भी पात्र माफी राशि के बराबर लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि जो किसान उनके द्वारा लिये गये फसली ऋण की देय तिथि तक अपने ऋण का चुकारा कर देते हंै तो उनकी पात्रता के अनुसार ऋण माफी की राशि को किसान के बचत खाते में जमा करा दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि हम ऐसे किसानों को प्राथमिकता से फसली ऋण उपलब्ध करायेंगे।

खरीफ, 2018 की अवधि के लिये वितरित ऋणों के चुकारा करने की तिथि बढ़ाई

आंजना ने बताया कि हमने किसान हित में एक महत्वपूर्ण फैसला और किया है जिसके तहत खरीफ, 2018 के लिये वितरित फसली ऋणों के चुकारे के लिये निर्धारित तिथि 31 मार्च, 2019 से बढ़ाकर 30 जून, 2019 या ऋण लेने की तिथि से एक वर्ष जो भी पहिले हो कर दिया है। इससे बढाई गई अवधि तक किसान पर पैनल ब्याज नहीं लगेगा।

पात्र किसान की ऋण माफी सुनिश्चित करने के लिये लागू की आधार आधारित अधिप्रमाणन की प्रक्रिया

सहकारिता मंत्री ने बताया कि कोई भी पात्र किसान सरकार द्वारा की गई ऋण माफी के लाभ से वंचित नहीं रहे और कोई भी अपात्र किसान किसी पात्र किसान की राशि को नहीं हड़प सके इसके लिये हमने आधार आधारित अधिप्रमाणन की प्रक्रिया लागू की है। किसानों को यह सुविधा ई-मित्र केन्द्र पर निःशुल्क पर उपलब्ध होगी और इस पर होने वाले व्यय को राज्य सरकार वहन करेगी।

उन्होंने बताया कि योजना के तहत पात्र किसान को उसकी ऋण माफी की राशि के संबंध में लोन वेवर पोर्टल के माध्यम से उसके पंजीकृत मोबाइल पर एसएमएस द्वारा सूचना दी जायेगी। सूचना मिलने पर किसान उसके पक्ष में की गई ऋण माफी की गणना का सत्यापन के लिये संबंधित ग्राम सेवा सहकारी समिति पर जायेगा। उन्होंने बताया कि किसान द्वारा ऋण माफी से संतुष्ट होने पर अपनी सहमति देगा और यदि किसान गणना राशि से संतुष्ट नहीं होता है तो वह अपनी असहमति दर्ज करायेगा।

आंजना ने बताया कि किसान द्वारा दर्ज कराई गई असहमति पर जिला स्तर पर कलक्टर या उसके द्वारा मनोनीत अधिकारी की अध्यक्षता में गठित कमेटी विचार करेगी। उन्होंने बताया कि पोर्टल पर किसान द्वारा आधार आधारित अधिप्रमाणन पूर्ण हो जाने पर किसान का ऋण माफी प्रकरण बैंक शाखा प्रबंधक द्वारा सत्यापित किया जायेगा।

किसानों को मिलेंगे डिजिटल सिग्नेचर सहित ऋण माफी के प्रमाण पत्र

सहकारिता मंत्री ने बताया कि बैंक शाखा के स्तर से ऋण माफी राशि का सत्यापन हो जाने पर लोन वेवर पोर्टल के माध्यम से किसान का ऋण माफी प्रमाण पत्र मय डिजिटल सिग्नेचर जनरेट किया जायेगा, जिसे शिविर में संबंधित ग्राम सेवा सहकारी समिति के व्यवस्थापक या अध्यक्ष द्वारा किसान को वितरित किया जायेगा। ऋण माफी प्रमाण पत्र के आधार पर किसान पुनः साख सीमा प्राप्त करने का हकदार होगा।

कृषकों की जारी होगी सूची     

उन्होंने बताया कि ऋण माफी की पात्रता में आने वाले सभी कृषकों की सूचियों को संबंधित ग्राम सेवा सहकारी समिति के नोटिस बोर्ड पर प्रकाशित किया जायेगा। उन्होंने बताया कि बैंकों द्वारा तैयार की गई सूचियों में किसी प्रकार की त्रुटि न रहे इसके लिये इनका जिला स्तरीय कमेटी द्वारा परीक्षण किया जायेगा।

परिवेदना कमेटी सुनेगी किसानों को

आंजना ने बताया कि किसानों की ऋण माफी के विवरण की सत्यता एवं विश्वसनीयता को सुनिश्चित करने के लिये जिला कलक्टर या उसके द्वारा मनोनीत प्रतिनिधि की अध्यक्षता में एक परिवेदना कमेटी का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि कोई भी किसान ऋण माफी के लिये तैयार की गई सूची में नाम नहीं होने, उसके पक्ष में मंजूर की गई ऋण माफी की गणना से असंतुष्ट होने पर किसान संबंधित बैंक की शाखा के माध्यम से अपनी परिवेदना प्रस्तुत कर सकेगा। उन्होंने बताया कि परिवेदना कमेटी परिवेदना का निपटारा 10 दिवस की अवधि में करेगी।

राज्य स्तरीय अनुप्रवर्तन समिति करेगी योजना क्रियान्वयन

सहकारिता मंत्री ने बताया कि योजना के क्रियान्वयन के अनुप्रवर्तन के लिये मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 9 सदस्यीय समिति होगी। जिनमें अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त), अतिरिक्त मुख्य सचिव (कृषि), प्रमुख शासन सचिव (सहकारिता), प्रमुख शासन सचिव (आयोजना), प्रमुख शासन सचिव (आई.टी.), प्रबन्ध निदेशक अपेक्स बैंक एवं प्रबंध निदेशक एसएलडीबी समिति के सदस्य तथा रजिस्ट्रार सहकारी समितियां सदस्य सचिव होंगे।