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गुवाहाटी, 13 फरवरी। असम कैंसर केयर फाउंडेशन (एसीसीएफ) द्वारा मोरीगांव जिले में शंकरदेव संघा के 88 वें वार्षिक सम्मेलन के अवसर पर आयोजित चार दिनों के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लाखों लोगों को मुंह, स्तन और गर्भाशय इत्यादि के कैंसर के बारे में जागरूक किया गया। असम के इतिहास में इतनी बड़ी संख्या में लोगों को इस बीमारी के बारे में पहली बार जागरूक किया गया।

तम्बाकू सेवन के कारण होने वाले स्वास्थ्य खतरों के बारे में जागरूकता बढ़ाते हुए 6 से 9 फरवरी तक आयोजित चार दिवसीय कार्यक्रम के दौरान, एसीसीएफ ने 30 साल की उम्र के बाद सामान्य कैंसर की जांच के महत्व के बारे में कार्यक्रम में भाग लेने वालों को जागरूक किया।

इस अवसर पर श्री श्रीमंत शंकरदेव संघा के मुख्य सचिव और सम्मेलन के स्वागत सचिव बाबुल बोरा ने कहा, एसीसीएफ ने मोरीगांव को तम्बाकू मुक्त में 88 वें श्रीमंत शंकर संघ सम्मेलन को सफल बनाने के लिए पहल की है और इसे युवा स्वयंसेवकों और सरकारी अधिकारियों के सहयोग से प्रभावी रूप से लागू किया गया है।

संघ सम्मेलन के सभी 4 दिनों के दौरान तम्बाकू और कैंसर के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए एसीसीएफ के प्रयासों की सराहना करता है। संघ असम में कैंसर के प्रति जागरूकता के लिए एसीसीएफ के साथ काम करना जारी रखेगा। सेवा वाहिनी के युवा स्वयंसेवक सक्रिय रूप से इस मोर्चे पर भी काम कर रहे हैं। ”

उल्लेखनीय है कि असम में 48.2 प्रतिशत वयस्क लोग तंबाकू उत्पादों का सेवन करते हैं। इस कारण कारण हर साल 32,000 नए कैंसर के मामले सामने आ रहे हैं। जोकि चिंता का विषय है।

एसीसीएफ ने लगभग 30 लाख लोगों की अपेक्षित लोगों तक पहुंचने के लिए विविध रणनीति तैयार की थी। इन रणनीतियों का मुख्य आकर्षण स्वास्थ्य एंव चिकित्सा सेवाअेंा का 3 डी मॉडल, फाउंडेशन द्वारा जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के सहयोग से, सम्मेलन क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर पुलिस, युवा स्वयंसेवकों और साइनबोर्ड के माध्यम से तंबाकू नियंत्रण कानून को लागू करा कर एक तंबाकू मुक्त क्षेत्र बनाया गया।

इस दौरान एसीसीएफ ने नो टोबैको जोन बनाने को सुगम बनाया। पूरे सम्मेलन क्षेत्र के 20 अलग-अलग स्थानों पर जागरूकता कियोस्क लगाए गए थे।

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चार दिवसीय सत्र में, मोरीगांव, जागी रोड और मायोंग कॉलेज के 150 एनएसएस स्वयंसेवियों ने जागरूकता
अभियान और सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लिया। पूरे सत्र ने चार दिनों के सम्मेलन ने भाग लेने आए लाखों लोगों को सामान्य कैंसर के बारे में जागरूकता बढ़ाने में मदद की।

कैंसर पर एक टॉक शो का आयोजन युवाओं के लिए किया गया था, जिसमें ग्रामीण और शहरी
युवाओं ने बढ़- चढ़कर हिस्सा लिया। मोरीगांव में सम्मेलन के दौरान 7 मई और 8 फरवरी, 2019 को कैंसर जागरूकता अभियान में मयोंग आंचलिक कॉलेज, जग्गी रोड कॉलेज और मोरीगांव कॉलेज की एनएसएस के स्वयंसेवकों ने भाग लिया।

एनएसएस के अधिकारियों के नेतृत्व में एनएसएस स्वयंसेवकों ने लीफलेट वितरण, सांस्कृतिक जुलूस और तंबाकू विरोधी अभियान में हिस्सा लिया। इस अभियान ने कैंसर के कारणों और निवारक उपायों को समझने में बहुत से लोगों की मदद की है।