सरसों व चना की सरकारी खरीद

सहकारिता विभाग ने समर्थन मूल्य पर खरीद के लिये तैयारियां की शुरू केन्द्र को भेजे सरसों व चना खरीद के प्रस्ताव कोटा सभांग में 15 मार्च से सरसों तथा 25 मार्च से चना खरीद के हैं प्रस्ताव शेष संभागों में सरसों एवं चना की 1 अप्रेल से खरीद की योजना.

सहकारिता मंत्री उदय लाल आंजना ने गुरूवार को बताया कि प्रदेश के सरसों एवं चना उत्पादक किसानों को उनकी फसली का उचित मूल्य दिलाने के लिये राजफैड के माध्यम से समर्थन मूल्य पर की जाने वाली खरीद की तैयारियां शुरू कर दी हैं। उन्होंने बताया कि इसके लिये केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेज दिये हैं।


 आंजना ने बताया कि प्रदेश में कोटा संभाग में सरसों एवं चने की उपज जल्दी तैयार होकर मण्डियों में आ जाती है। इसलिये कोटा संभाग में सरसों की समर्थन मूल्य पर खरीद 15 मार्च से तथा चना खरीद 25 मार्च से प्रारम्भ करने के प्रस्ताव भेजे गये हैं। उन्होंने बताया कि शेष संभागों में दोनो उपजों की खरीद 1 अप्रेल से प्रारम्भ करने का प्रस्ताव है।


सहकारिता मंत्री ने बताया की अधिक से अधिक किसानों को राहत देने के लिये सरसों के 9 लाख मी.टन तथा चना के 5.50 लाख मी.टन खरीद लक्ष्य निर्धारण के प्रस्ताव भेजे गये हैं। उन्होंने कहा कि सरसों के लिये 4200 रुपये प्रति क्विंटल तथा चना के लिये 4620 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य निर्धारित है


प्रमुख शासन सचिव, सहकारिता अभय कुमार ने बताया कि किसानों का ऑनलाइन पंजीयन कर तुलाई हेतु दिनांक आवंटित की जायेगी। उन्होंने बताया कि किसान अपने ब्लॉक में स्थित खरीद केन्द्र पर उपज का बेचान के लिये पंजीकरण करवा सकेंगे। किसान को खसरा गिरदावरी (पी-35) को ऑनलाइन अपलोड करना होगा।


कुमार ने बताया कि राजफैड को खरीद केन्द्रों की सूची तैयार कर वहां सभी आवश्यक संसाधन जुटाने के लिये निर्देश प्रदान कर दिये हैं ताकि केन्द्र सरकार से खरीद की अनुमति प्राप्त होते ही खरीद प्रक्रिया शुरू की जा सके। उन्होंने बताया कि पीएसएस योजना के तहत खरीद 90 दिनों तक जारी रहेगी।