सुरेश चंद्र (शब्द) @bhilwara | भीलवाड़ा जिले के शाहपुरा में देश विदेश से भगवाधारी संतो की राम राम की गुंजायमान व हजारों भक्तजनों की आध्यात्मिकता के बीच लोक लहरियों के साथ अंर्तराष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय का वार्षिक फूलड़ोल महोत्सव का शुभारंभ हुआ।

आज गुरुवार को महोत्सव के पहले दिन परंपरागत रूप से अणभैवाणीजी की शोभायात्रा निकाली गई। महोत्सव में भाग लेने के लिए राजस्थान के अलावा अन्य प्रांतों के विभिन्न स्थानों से भक्त जन शाहपुरा पंहुच रहे है।

शाहपुरा में फूलडोल महोत्सव का आयोजन होने के कारण यहां पर धुलंडी पर रंग भी नहीं खेला जाता है।

फुलड़ोल महोत्सव में रामनिवास धाम में आज भी सुबह रामधुनी का आयोजन हुआ। संप्रदाय के संस्थापक आचार्य श्री रामचरणजी महाराज की काली कंबलजी को बारादरी में दर्शनार्थ सुशोभित किया गया।

रामस्नेही संप्रदाय के आद्य संस्थापक महाप्रभु रामचरणजी महाराज की वाणीजी की शोभायात्रा राममेडिया से बैंड बाजो के साथ सदर बाजार होती हुई रामनिवास धाम पहुंची।

यहां बारादरी में भक्तजनों द्वारा चढ़ावा चढ़ाया गया। इसके बाद संतों की पंगत के भक्तजनों ने दर्शन किये तथा आचार्यश्री से प्रसादी ग्रहण की।

इससे पूर्व आज प्रथम दिन शाहपुरा व कैकड़ी तहसील के ग्रामीण क्षेत्र के लोक कलाकारों ने अपनी परंपरागत शैली में लोक लहरियां व केसिया गायन प्रस्तुत कर सबका मन मोहन लिया। नगर पालिका के तत्वावधान में केसिया अलगोजा प्रतियोगिता का आयोजन भी समारोह पूर्वक किया गया। इस प्रतियोगिता में पांच टीमों ने भाग लिया।