• बाड़मेर नगर परिषद सीमा विस्तार की अधिसूचना को निरस्त करना अनुचित – कर्नल सोनाराम चौधरी
  • सोनाराम ने बाड़मेर विधायक मेवाराम जैन पर लगाया संकीर्णता का आरोप

Barmer News: बाड़मेर जैसलमेर पूर्व सांसद कर्नल सोनाराम चौधरी ने राजस्थान की कांग्रेस सरकार को धमकी दी है कि बाड़मेर नगर परिषद सीमा विस्तार की वसुंधरा सरकार द्वारा जारी अधिसूचना को निरस्त करना महंगा पड़ेगा।

कर्नल सोनाराम चौधरी ने बताया कि नगर परिषद बाड़मेर की आबादी सीमा विस्तार की मांग स्थानीय लोगो द्वारा 1999 से लगातार की जा रही है।

नगर परिषद बाड़मेर द्वारा 25.05.2002 एवं 19.02.2005 को आबादी सीमा विस्तार का प्रस्ताव भी लिया गया था।

उनके द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे एवं तत्कालीन नगरीय विकास मंत्री श्रीचन्द कृपलानी के समक्ष समय-समय पर बाड़मेर के आमजन की इस मांग को प्रमुखता से रखा गया।

आम जन की भावनाओ को ध्यान मे रखते हुए दिनांक 31.08.2018 को निदेशक एवं सयुक्त सचिव ने अधिसूचना जारी की थी।

बाड़मेर शहर के आस-पास बसी बलदेव नगर, रामनगर, राजीव नगर, गंगाई नगर, विष्णू नगर, अरिहन्त नगर, शरणार्थी बस्ती, दानजी की होदी एवं तिलक नगर जिसमे सभी वर्गो के लोग निवास करते है।

जिनसे नगर परिषद बाड़मेर द्वारा पट्टे एवं अन्य शुल्कों के माध्यम से करोड़ो रूपये की राशि वसूली गई थी।

लेकिन उपरोक्त काॅलोनी मे विकास के नाम कोई कार्य नही करवाया गया। इस प्रकार दोहरा मानदण्ड अपना कर स्थानीय निवासियों को विकास कार्यो से वचिंत किया जाता रहा है।

वर्तमान राजस्थान सरकार द्वारा दिनांक 31.05.2019 को विभागीय अधिसूचना जारी कर 31.08.2018 की अधिसूना को प्रत्याहारित किया गया है जो बाड़मेर शहर के आस पास के विभिन्न काॅलोनियों मे निवास करने वाले सभी वर्गो के लोगो के साथ घोर अन्याय है।

उन्होंने कहा कि यह बाड़मेर विधायक की संकीर्ण मानसिकता का परिणाम है यह मात्र बदले की भावना से किया गया निन्दनीय एवं विकास विरोधी कृत्य है।

इससे बाड़मेर शहर के आस-पास वर्षो से बसे वाशिंदों को मूलभूत सुविधाओं से वचिंत किया जा रहा है। सोनाराम चौधरी ने कहा “मैं इसकी कड़े शब्दो मे निंदा करता हूँ”।

कर्नल सोनाराम चौधरी ने बताया कि वे बाड़मेर के प्रबुद्ध एवं प्रभावित लोगो की ओर से राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री एवं नगरीय विकास एवं स्वायत्तता मंत्री से निवेदन करते है कि जनहित मे आम लोगो की भावनाओं को ध्यान मे रखते हुए इस निर्णय को वापस ले।

सरकार को चाहिए कि वर्षो से चली आ रही मांग को पूरा करने का पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के निर्णय को बरकरार रखे अन्यथा बाड़मेर की जनता की अगुवाई मे इस मांग को पूरा करवाने हेतु जन आन्दोल किया जायेगा जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी राजस्थान सरकार की होगी।