टिड्डी नियंत्रण के लिए गहलोत ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, टिड्डियों का ऐसा प्रकोप 26 साल बाद


Jaipur News – मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok gehlot) ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में टिड्डी के प्रकोप से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि इस मामले में केन्द्र सरकार पाकिस्तान सहित अन्य पड़ौसी देशों से समन्वय स्थापित करें। उन्होंने आग्रह किया है कि पड़ौसी देशों के संबंधित संगठनों को टिड्डी नियंत्रण के कारगर प्रयास करने के लिए कहा जाए ताकि इनकी उत्पत्ति पर अंकुश लगे और उद्गम स्थल पर ही टिड्डी  दलों को रोकना संभव हो सके। गहलोत ने पत्र में लिखा कि  जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर, बीकानेर, जालोर, चूरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ जिलों में टिड्डी दलों का आगमन लगातार जारी है।

राज्य सरकार जोधपुर स्थित टिड्डी चेतावनी संगठन से लगातार संपर्क रखते हुए टिड्डियों पर नियंत्रण के लिए प्रभावी उपाय कर रही है। लेकिन फसलों पर मंडराते हुए खतरे को तभी कम किया जा सकता है, जब पाकिस्तान और उसके निकटवर्ती अन्य पश्चिमी देशों में भी टिड्डी नियंत्रण के प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में इस साल मई माह से टिड्डी दलों का आना शुरू हुआ। सामान्यत: अक्तूबर माह में इनकी सक्रियता कम हो जाती है लेकिन इस बार उनका प्रकोप अभी भी बना हुआ है। टिड्डियों का ऐसा प्रकोप 26 साल बाद देखा गया है। इनसे किसानों की फसलों और अन्य वनस्पति को नुकसान का खतरा बना हुआ है।

इधर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में शुक्रवार को हुई जनसुनवाई के बाद कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने गुजरात के कृषि मंत्री आरसी फलदू के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि उन्हें नहीं मालूम की वास्तविकता में हालत क्या है? गुजरात ने पहली बार  टिड्डïी का प्रकोप देखा है। कटारिया ने कहा कि इसके नियंत्रण का कार्य केन्द्र और राज्य को मिलकर करना होता है। लेकिन अभी जैसे हालात पहले कभी नहीं हुए। छह माह से लगातार टिडï्डी का प्रकोप जारी है। गौरतलब है कि  गुजरात के कृषि मंत्री ने टिड्डियों के दल से किसानों को हो रहे नुकसान के लिए सीधे राजस्थान सरकार और पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहरता हुए कहा था कि अगर वह समय रहते कार्रवाई करते तो टिड्डियों की संख्या नहीं बढ़ती।



News Source