Jaipur News – राजधानी में मंगलवार को मकर संक्रान्ति का उत्साह चरम पर रहा। इस दौरान लोगों ने दिनभर पतंगबाजी का आनंद लिया लेकिन पतंग की डोर में उलझकर घायल होने वाले पक्षियों की संख्या भी खासी रही।

घायल पक्षियों की मदद के लिए शहर में अलग अलग स्थानों पर एक दर्जन से अधिक पक्षी चिकित्सा शिविरो का आयोजन किया गया। यहां पहुंचने वाले पक्षियों की ड्रेसिंग कर उनका इलाज किया गया।

चिकित्सा शिविरों में शहर के नामचीन चिकित्सकों ने सेवाएं दी। इस दौरान पक्षियों के पंख टूटने और मांझे से उलझकर चोटिल होने के मामले ज्यादा रहे। एमआई रोड स्थित पशु चिकित्सालय में ही शाम तक 52 पक्षियों का इलाज किया गया वहीं विभिन्न एनजीओ तथा स्वयं सेवी संगठनों की ओर से लगाए गए पशु चिकित्सा शिविरों में 167 पक्षी इलाज के लिए लेकर आए।

इसके अलावा भी शहर में अनेक स्थानों पर घायल हुए पक्षियों का इलाज किया गया। 

मांझे से घायल होने वाले परिंदों को बचाने के लिए अल्बर्ट हॉल के पास के पास एक विशेष कैंप लगाया गया। इस में देश के अलग अलग हिस्सों से कई विशेषज्ञ चिकित्सकों ने घायल परिंदों को समय पर उपचारित कर बचाया।

चिकित्सकों ने बताया कि इलाज के दौरान अधिकांश ऐसे मामले सामने आए जिनमे मांझे में उलझे परिदों को सुलझाने की कोशिश में ही परिदों को नुकसान पहुंचा था। लोग जल्दबाजी में मांझे से सुलझाते समय पक्षी को घायल कर बैठे। 

राजधानी के वैशालीनगर के निकट वशिष्ठï मार्ग पर सुबह पक्षी चिकित्सा शिविर का शुभारंभ कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने किया। इस दौरान उन्होंने पक्षियों के इलाज की जानकारी ली तथा चिकित्सकों को आवश्यक निर्देश भी दिए।