एसएमएस अस्पताल ने रचा इतिहास, पहली बार किया हार्ट ट्रांसप्लांट


Jaipur News – नए साल पर प्रदेश के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल के चिकित्सकों ने सरकारी क्षेत्र में पहली बार हार्ट ट्रांसप्लांट कर इतिहास रचा है।

एसएमएस अस्पताल में बुधवार रात करीब 12 बजे कैडर ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया कार्डियोलोजिस्ट डॉ. अनिल शर्मा के नेतृत्व में शुरू हुई, जो सुबह तक चली। फिलहाल मरीज को चिकित्सकों की गहन निगरानी में रखा गया है और उसके स्वास्थ्य पर नजर रखी जा रही है। एसएमएस के चिकित्सकों की इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर बधाई दी है।

विशाल को मिला नया दिल
एसएमएस में 17 वर्षीय विशाल को अब जीवन मिल जाएगा। सवाई माधोपुर के बामनवास निवासी कालूराम का पुत्र विशाल ह्रïदय की बीमारी से पीडित था तथा चिकित्सक लंबे समय से उसके ट्रांसप्लांट का प्रयास कर रहे थे। उसे डायलेटेड कार्डियोमाईपैथी नामक बीमारी थी जिसमें हार्ट फूलने के कारण कम धडकता है और इससे सांस फूल जाती थी। गत चार माह से उसका सीटी सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल शर्मा की देखरेख में इलाज चल रहा था। विशाल को कुछ दिन पहले ही अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।

बुधवार-गुरूवार मध्य रात्रि उसके हार्ट ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया शुरू की गई। चिकित्सकों ने बताया कि विशाल को हार्ट ट्रांसप्लांट के बाद अब जीवन भर दवाईयां खानी होगी। 

तीन घंटे चला ऑपरेशन

रात करीब 12 बजे डॉ. अनिल शर्मा तथा करीब एक दर्जन चिकित्सकों की टीम ने हार्ट ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया शुरू की और इसमें उन्हें करीब दो घंटे लगे तथा पूरा ऑपरेशन करने में तीन घंटे का समय लग गया। सूत्रों ने बताया कि ऑपरेशन थियेटर में जाने के बाद सुबह करीब 4 बजे ट्रांसप्लांट किया गया जो छह बजे पूरा हुआ। इस दौरान ऑपरेशन थियेटर के बाहर करीब 24 जनों की टीम विभिन्न कार्यों में चिकित्सकों का सहयोग करती रही।

एसएमएस अस्पताल की हार्ट ट्रांसप्लांट यूनिट में यह पहला आपरेशन किया गया है। मरीज को आपरेशन के बाद आईसीयू में रखा गया है। बता दें कि गत अक्टूबर में ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस हार्ट ट्रांसप्लांट यूनिट का शुभारंभ किया था।

ब्रेन डेड सांवरमल ने बचाई चार जिंदगी
राजसमंद की भीम तहसील के बोरवा गांव निवासी 25 वर्षीय सांवरलाल पुत्र प्रभुलाल का गत 10 अगस्त को रोड एक्सीडेंट हो गया था। 14 जनवरी को विभिन्न जांचों के बाद चिकित्सकों ने उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया। इसके बाद सांवरलाल के परिजनों से समझाइश कर अंगदान के लिए राजी किया गया।

बुधवार शाम को परिजनों की सहमति मिलने के बाद ट्रांसप्लांट की तैयारी शुरू की गई। इस दौरान   उसका हार्ट विशाल को लगाया गया वहीं दोनों किडनी एसएमएस अस्पताल में ही जरूरतमंदों को लगाई गईं। जबकि लीवर को निम्स अस्पताल में प्रत्यारोपित किया गया है।

बता दें कि सांवरलाल की पत्नी गर्भवती है और उसे कभी भी बच्चा हो सकता है। ऐसे में बुधवार को अंगदान के बाद परिजन उसके शव को तत्काल अपने गांव लेकर रवाना हो गए।

मुख्यमंत्री व चिकित्सा मंत्री ने दी बधाई
एसएमएस अस्पताल में पहली बार हुए हार्ट ट्रांसप्लांट को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट करते हुए पूरी टीम को बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर लिखा है कि एसएमएस अस्पताल में पहली बार हार्ट ट्रांसप्लांट किया गया है, मैं इसके सफल होने के लिए ईश्वर से प्रार्थना करता हूं, रोगी जल्द से जल्द स्वस्थ हो।

वहीं चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने भी हार्ट ट्रांसप्लांट को लेकर चिकित्सकों की पूरी टीम को बधाई दी और कहा कि एसएमएस के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने दिन रात मेहनत कहा ट्रांसप्लांट को संभव बनाया है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एसएमएस हॉस्पिटल ट्रांसप्लांट की क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर इस क्षेत्र में अपना एक विशिष्ट स्थान बनाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने अंगदान करने वाले परिवारों के प्रति आभार भी व्यक्त किया।