संत रामपाल पर फैसला

हिसार न्यूज़ / चार साल पहले जेल में बंद किये गए संत रामपाल के सतलोक आश्रम प्रकरण से जुड़े हत्या और षड्यंत्र के मामले में न्यायाधीश डीआर चालिया की अदालत गुरुवार को अपना फैसला सुना सकती है.

कबीर पंथी संत रामपाल के आश्रम में नवंबर 2014 में की गयी पुलिस कार्यवाही में कई आपत्तिजनक साम्रगी,यौन शोषण और देश के खिलाफ षड्यंत्र के सबूत मिले थे .

मामला 14 नवंबर 2014 का है, जब हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद एक मामले में रामपाल कोर्ट में पेश नहीं हुआ. इसके बाद हाईकोर्ट ने रामपाल को पेश करने के आदेश दिए और पुलिस प्रशासन ने सतलोक आश्रम से रामपाल को निकालने के लिए ऑपरेशन चलाया. इस दौरान 4 लोगों की मौत हुई थी.

संत रामपाल के समर्थकों द्वारा हंगामे की आशंका के चलते लॉ एंड आर्डर की स्थिति को बनाए रखने के लिए मध्यप्रदेश, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के विभिन्न हिस्सों से हिसार आने वाली ट्रेनों का संचालन नहीं होगा.उपायुक्त अशोक कुमार मीणा के आदेशों पर हिसार शहर में धारा 144 लागू कर दी गई है. इसके नियमों का उल्लंघन करने के दोषी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इसके तहत पांच या पांच से अधिक व्यक्तियों के एक स्थान पर इकट्ठा होने पर पाबंदी लगाई गई है.

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बरवाला के सतलोक आश्रम प्रकरण में हत्या के दो मुकदमों की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय पराशर सेंट्रल जेल वन में कर रहे थे. उनका पिछले दिनों यहां से तबादला हो गया. उसके बाद रामपाल के प्रमुख तीन मुकदमे अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश डी. आर. चालिया की अदालत में स्थानांतरित हो गए.अब वे सेंट्रल जेल वन में इन मुकदमों की सुनवाई कर रहे हैं.