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जैसलमेर जिले की पोकरण विधानसभा सीट पर राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 के लिए भाजपा के पास कई दावेदार है वंही कांग्रेस के लिए शाले मोहम्मद का नाम तय माना जा रहा हैं.भाजपा के लिए यंहा से प्रत्याशी का चयन करते समय ये बात भी ध्यान रखनी होगी की पोकरण में बगावत ना हो जाए.

पोकरण विधानसभा सीट से भाजपा की टिकट के लिए दावेदारों की लंबी लिस्ट

राजस्थान में सात दिसंबर को विधानसभा चुनाव होने हैं मगर राजनीतिक चर्चा शुरू हो चुकी हैं और टिकट के दावेदारों ने क्षेत्र में प्रचार भी शुरू कर दिया हैं.

पोकरण विधानसभा से भाजपा में प्रमुख रूप से जो टिकट के लिए प्रयास कर रहे हैं उनमे वर्तमान विधायक शैतान सिंह राठौड़, पूर्व विधायक सांगसिंह भाटी, वर्तमान जोधपुर सांसद व केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत,नाचना ठाकुर विक्रमसिंह नाचना, राजपूत समाज के अध्यक्ष राणीदान सिंह छायण.पूर्व विधायक गुलाब सिंह रावलोत लोहारकी के पुत्र पृथ्वीपाल सिंह रावलोत तथा भाजपा युवा नेता व राजमथाई सरपंच मदन सिंह राजमथाई के नाम प्रमुख हैं.

बाड़मेर के तारातरा मठ के गादीपति महंत स्वामी प्रतापपूरी महाराज के भी पोकरण से चुनाव लड़ने की चर्चाएँ भी जोरों पे हैं. प्रतापपुरी महाराज अगर पोकरण से चुनाव लड़ने को राजी हो जाए तो बीजेपी के लिए अंदरूनी बगावत से पार पाना आसान हो जाएगा. हालांकि पैराशूट उम्मीदवार के रूप में कुछ लोग उनका विरोध करेंगे मगर भगवाधारी के चुनाव में उतरने पर हिन्दू बनाम मुस्लिम चुनाव बनाने में संघ को आसानी रहेगी.

पोकरण विधानसभा सीट से भाजपा की टिकट के लिए प्रमुख दावेदारों की गणित

शैतान सिंह राठौड:- पिछली बार पोकरण विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी के रूप में कांग्रेस के शाले मोहम्मद को पैतीस हजार वोटों से हराने में कामयाब हुवे,संघ के चहेते थे मगर अपने अडियल स्वभाव के कारण और पुराने कार्यकर्ताओं की उपेक्षा के चलते उन्होंने अपना जनाधार खो दिया हैं. नाचना उपनिवेशन में हुवे चालीस हजार बीघा जमीन घोटाले में उनके परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों के नाम आने से भी उनको काफी नुकसान पहुंचा हैं.

भाजपा के सभी वरिष्ठ कार्यकर्ता शैतान सिंह से दूरी बनाये हुवे हैं ऐसे में अकेला संघ उनकी कुछ खास मदद नहीं कर पाएगा.हालांकि संघ के दबाव में अगर भाजपा शैतान सिंह को टिकट देती भी हैं तो उनका चुनाव जीतना मुश्किल होगा.

सांगसिंह भाटी :- पोकरण से भाजपा के पूर्व विधायक रहे सांगसिंह भाटी ने बीकानेर के देवीसिंह भाटी से राजनीति के गुर सीखें हैं,कम पढ़ें लिखें होने के बावजूद जनता में काफी लोकप्रिय हैं और विशेष तौर से किसानों के हित की बात करते नजर आते हैं. उन्होंने भी अभी तक स्पष्ट नहीं किया हैं कि वो इस बार पोकरण विधानसभा से चुनाव लड़ेंगे या जैसलमेर विधानसभा से या फिर अपने पुत्र आईदानसिंह के लिए टिकट की मांग करेंगे.

विक्रमसिंह नाचना :- विक्रमसिंह नाचना जैसलमेर की राजनीति के नये सूरज हैं,गत विधानसभा चुनाव में सुराज संकल्प यात्रा से उन्होंने भाजपा की सक्रिय राजनीति में पैर रखा और पोकरण विधानसभा सीट से भाजपा की टिकट की दावेदारी भी रखी मगर टिकट शैतान सिंह राठौड़ के खाते में गया और विक्रमसिंह ने पूरे मन से उनके लिए प्रचार व् सहयोग भी किया.

विक्रमसिंह पढ़े लिखे व विनम्र स्वभाव के व्यक्ति हैं और जैसलमेर जिले की दोनों विधानसभा सीटों जैसलमेर और पोकरण से बराबर दावेदारी बनाये हुवे हैं.दोनों ही विधानसभा सीटों पे उनका प्रचार चल रहा हैं और लोग उनको समर्थन भी कर रहे हैं विशेषतौर से युवा वर्ग में विक्रमसिंह को लेकर काफी जोश और उत्साह हैं.

जैसलमेर राजपरिवार से जुड़े नाचना के ठाकुर विक्रमसिंह की राजपूतों और अन्य समाज ले लोगो में अच्छी छवि उनको भाजपा की और से एक मजबूत प्रत्याशी बनाती हैं. विक्रमसिंह जैसलमेर और पोकरण दोनों सीटों पे चेंजमेकर साबित हो सकते हैं.

गजेन्द्र सिंह शेखावत :- गत लोकसभा चुनाव में पोकरण विधानसभा से पैंतालिस हजार वोटों से आगे रहे इसलिए उनको यंहा से काफी सक्षम प्रत्याशी माना जा रहा हैं. राजपूत समाज के साथ सीमा जन कल्याण समिति से जुड़े रहने के कारण बॉर्डर एरिया में दलित वोटों पर भी अच्छी पकड़ हैं. भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मामले में वसुंधरा राजे से अनबन और मुख्यमंत्री बनने की चाहत के चलते इनका टिकट कट सकता हैं. हालांकि शैतान सिंह के बाद संघ की पहली पसंद गजेन्द्र सिंह शेखावत ही हैं .

सांसद रहते हुवे भी क्षेत्र के लोगो से अच्छा मेलजोल गजेन्द्र सिंह ने बनाये रखा मगर कोई उल्लेखनीय काम नहीं कर पाए हैं.नाचना क्षेत्र की तहसील को नोख ले जाने से नाचना क्षेत्र के लोगो में गजेन्द्र सिंह के प्रति नाराजगी स्पष्ट झलकती हैं.

भाजपा को बागियो से है खतरा 

भाजपा के लिए पोकरण सीट पर बागी बहुत बड़ी समस्या बनेंगे जंहा कांग्रेस में गाजी फ़क़ीर परिवार से एकमात्र उम्मीदवार है वंही भाजपा के पास कई दावेदार है जो कि बड़ी समस्या हैं. सांगसिंह भाटी को पिछली बार वसुंधरा राजे ने उम्मीदों का झुनझुना पकड़ा दिया इस बार जैसलमेर या पोकरण दोनों में से  किसी एक जगह का टिकट नहीं दिया तो वो बगावत कर सकते हैं. वो पहले भी ऐसा कर चुके हैं.वंही अगर शैतानसिंह को टिकट मिला तो भाजपा के ही कई नेता उनकी जमानत जब्त कराने की पूरी कोशिश करेंगे.

वर्तमान हालात में देखा जाए तो विक्रमसिंह नाचना, सांगसिंह भाटी और गजेन्द्र सिंह शेखावत और प्रतापपुरी महाराज बीजेपी की टिकट के सबसे मजबूत प्रत्याशी हैं और टिकट के प्रबल दावेदार भी हैं.