Pankaj Bhaita Jaislmer

ऑनलाइन ठगी की बड़ी काट बन सकती है हमारी हिंदी, 
जैसलमेर के पंकज भाटिया ने शुरू किया प्रयास,
भाटिया के प्रयास हुए सफल, 
राजभाषा विभाग ने उनके सुझाव को दिया तवज्जो,
मोबाइल संदेश को हिंदी में प्रेषित करने के दिए आदेश.

jaisalmer / जिस सूचना तकनीकी का इस्तेमाल आमजन की सुविधा के लिए किया जाता है उसका दुरुपयोग करने वाले भी है। यही कारण है कि आए दिन हम ऑनलाइन ठगी के जरिए लोगों को हजारों- लाखों रुपए की चपत खाते हुए देखते पढ़ते हैं।

दरअसल बैंक सहित अन्य वित्तीय संस्थाओं की ओर से उपभोक्ताओं को मोबाइल पर भेजे जाने वाले संदेश यानी SMS और ओटीपी आदि अंग्रेजी भाषा में होते हैं जिन्हें समझना आमजन के लिए आज भी टेढ़ी खीर है।

इसकी कार्ड में अगर जन भाषा के तौर पर हिंदी का इस्तेमाल किया जाए तो बात बन सकती है हिंदी में आने वाले संदेशों को कम से कम पूरे उत्तर भारत के लोग आसानी से पढ़ व समझ सकेंगे और इस तरह सेवर ऑनलाइन ठगों के चक्कर में आने से बच सकते है।

हिंदी को हथियार बनाकर ऑनलाइन ठगी पर लगाम लगाने के संबंध में जैसलमेर निवासी पंकज भाटिया ने स्तर पर प्रयास किए। जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए है।

भाटिया ने बताया कि उन्होंने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को आमजन की गाढ़ी कमाई की लूट को रोकने के लिए कुछ सुझाव दिए थे। जिन्हें रिजर्व बैंक द्वारा नोट किया गया एवं राजभाषा विभाग ने इसको तवज्जो देते हुए मोबाइल में सन्देश हिंदी में प्रेषित करने के आदेश दिए है ।