Pm Kisan Yojana Rajasthan -How to Apply

जयपुर, 19 फरवरी। भारत सरकार द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना -PM Kisan Yojana के क्रियान्वयन के लिए सहकारिता विभाग को नोडल विभाग तथा रजिस्ट्रार, सहकारिता डॉ. नीरज के. पवन को राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।


रजिस्ट्रार, सहकारिता डॉ. नीरज के. पवन ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ग्राम सेवा सहकारी समितियों के व्यवस्थापकों को संबोधित करते हुए बताया कि प्रदेश में योजना को पारदर्शी एवं त्वरित ढंग से लागू करने के लिये सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग द्वारा लघु सीमान्त कृषक सेवा पोर्टल बनाया गया है। उन्होंने बताया कि इसे 16 फरवरी, 2019 से एक्टिेवेट कर दिया गया है।


उन्होंने बताया कि यह योजना भारत सरकार द्वारा शत प्रतिशत वित्त पोषित है तथा पात्र किसान परिवार को एक वर्ष की अवधि में 6 हजार रुपये की प्रत्यक्ष संबंधी सहायता दी जायेगी। यह सहायता राशि दो-दो हजार की तीन किश्तों में दी जायेगी। उन्होंने बताया कि यह राशि आधार आधारित डेटाबेस के माध्यम से किसान के बैंक खाते में सीधे जमा होगी। 


डॉ. पवन ने बताया कि योजना के लाभ से कोई भी पात्र लघु एवं सीमान्त किसान परिवार वंचित नहीं रहे और कोई भी अपात्र किसान इसका फायदा न ले सके इसको सुनिश्चित करने के लिये पात्र लाभार्थी से आधार नम्बर लिया जाना अनिवार्य किया गया है। उन्होंने बताया कि यदि किसी किसान के पास आधार नम्बर नहीं है तो ऎसे किसान आधार के लिये नामांकन करा योजना का लाभ ले सकेंगे।


उन्होंने बताया कि PM Kisan Yojana का लाभ लेने के लिये किसान को नजदीकी E-Mirta पर जाकर लघु सीमान्त कृषक सेवा पोर्टल पर अपने आधार संख्या के माध्यम से लोगिन करना होगा तथा स्वयं व भूमि स्वामित्व के बारे में आवश्यक जानकारियां अपलोड करनी होंगी। उन्होंने बताया कि योजना का लाभ लेने के बारे में भी ई-साइन कर अपनी सहमति देगा।


नोडल अधिकारी ने बताया कि किसान का आवेदन पत्र अपलोड होने पर स्वतः ही संबंधित पटवारी को ऑनलाइन ट्रांसफर होगा। पटवारी किसान के आवेदन पत्र में उल्लेखित सूचनाओं का भू-अभिलेख रजिस्टर से सत्यापित करते हुए तहसीलदार को फॉरवर्ड करेगा। उन्होंने बताया कि किसान को उसके द्वारा योजना के तहत किये गये आवेदन पर प्रत्येक स्तर पर क्या कार्यवाही की जा रहीे है, के संबंध में एसएमएस के द्वारा सूचित किया जायेगा।


उन्होंने बताया कि पटवारी द्वारा किसान के आवेदन की सूचनाओं को सत्यापित नहीं किया जाता है तो उसकी जानकारी भी किसान को एसएमएस द्वारा दी जायेगी। ऎसी स्थिति में किसान असंतुष्ट होने पर 7 दिवस में तहसीलदार के समक्ष अपील कर सकता है।


डॉ. पवन ने बताया कि योजना के क्रियान्वयन में किसान की सहमति के आधार पर उनके आधार संख्या को भू-राजस्व रिकार्ड में भूमि के खाते के साथ लिंक किया जायेगा। उन्होंने बताया कि पोर्टल के माध्यम से किसान से उसके सहकारी समिति के सदस्य होने के स्टेटस तथा फसली ऋण प्राप्त करने की आवश्यकता के संबंध में भी ब्यौरा मांगा गया है ताकि भविष्य में किसानों को उनकी मांग के अनुसार सहकारिता के माध्यम से फसली ऋण की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।