Risu and Reel will do skills development of unemployed


जयपुर, 3 मई। राजस्थान आई.एल.डी. कौशल विश्वविद्यालय-Rajasthan ILD Skills University (RISU) व राजस्थान इलैक्ट्रॉनिक्स एण्ड इन्स्ट्रुमेन्ट्स लि.-Rajasthan Electronics & Instruments Limited(REIL) के मध्य हुए समझौते (MOU) से अब शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के बेरोजगारों को आसानी से रोजगार मिलने का रास्ता खुला है। रीसू के सहयोग से रील चार विभिन्न उपयोगी क्षेत्रों में बेरोजगार युवकों को तीन से छः माह तक का प्रशिक्षण देकर उन्हें गारन्टेड रोजगार से जोड़ सकेंगे। ये चार क्षेत्र आम जन जीवन के दैनिक उपयोगी क्षेत्र से हैं जिनसे हर व्यक्ति जुड़ा हुआ है।

मुख्य सचिव डी.बी. गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) निरंजन आर्य, रीसू के कुलपति डॉ. ललित के. पंवार व रील के प्रबन्ध निदेशक ए.के. जैन की मौजूदगी में रीसू व रील के मध्य हुए समझौते (एम.ओ.यू.) ने सामान्य बेरोजगारों को कौशल के क्षेत्र में शिक्षा देकर उन्हें रोजगार से जुड़ने का रास्ता प्रशस्त करने के सार्थक प्रयास शुरू किये हैं।


‘‘डेयरी प्रौद्योगिकी, सौर ऊर्जा यांत्रिकी, सुरक्षा-निगरानी तथा इलैक्टि्रक वाहन चार्जिंग स्टेशन व तकनीशियन‘‘ वर्तमान समय की आवश्यकता के अनुरूप ये चार ऎसे क्षेत्र हैं जिनमें प्रशिक्षण प्राप्त कर युवक स्वयं रोजगार से जुड़कर अपने भविष्य का निर्माण कर सकेगा। रीसू इन चार क्षेत्र के कोर्सेस के लिए पाठ्यक्रम तैयार करायेगा जिसके आधार पर रील इच्छुक युवकों को प्रशिक्षण देगा।

राजस्थान आई.एल.डी. कौशल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ललित के. पंवार ने बताया कि इन चार क्षेत्रों में बेरोजगार युवक तीन से छः महिने का प्रशिक्षण लेकर अपने स्वयं के पाँव पर खड़ा होकर आजीविका से जुड़ अपने परिवार का आर्थिक संबल बन सकता है। साथ ही इस क्षेत्र में कार्यरत कंपनियों में रोज़गार भी प्राप्त कर सकता है।

कुलपति डॉ. ललित के. पंवार ने बताया कि डेयरी टेक्नोलॉजी क्षेत्र में दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियाँ गाँव-गाँव में स्थापित है। घर-घर से दूध एकत्रित किया जाता है और दूध की क्वालिटी चैक करने तथा गुणवत्ता को जाँचने सम्बन्धित कार्य अब मशीनों से होने लगा है। इसका रील निर्धारित अवधि में प्रशिक्षण देकर ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के बेरोजगारों को डेयरी उद्योग से जोड़कर अपना रोजगार स्थापित करने के लिए सक्षम बना सकेगा।


इसी प्रकार सौर ऊर्जा का विस्तार ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में तेजी से हुआ है। सोलर लाईट के साथ-साथ कई सोलर इन्स्ट्रुमेन्ट्स गाँवों में स्थापित हुए हैं इनके संधारण के लिए युवकों की आवश्यकता है जिसका प्रशिक्षण रील देगा, इसी प्रकार सुरक्षा-निगरानी प्रशिक्षण (सिक्योरिटी सर्वेलैंस) वर्तमान समय में शहरी क्षेत्र के लिए बहुत उपयोगी है। जहाँ बहुमंजिला इमारतों में चल रहे कॉर्पोरेट ऑफिस, व्यापार, उद्योग एवं अन्य कायोर्ं की एक ही स्थान पर बैठकर निगरानी संयंत्रों से करने का भी प्रशिक्षण रील द्वारा निर्धारित अवधि में दिया जा सकेगा।

पर्यावरण को सुरक्षित रखने, प्रदूषण कम करने तथा डीजल व पेट्रोल के उपयोग व ध्वनि प्रदूषण से बचने के लिए वर्तमान समय में शहरी क्षेत्रों व छोटे-छोटे कस्बों में ई-रिक्शा व इलैक्ट्रीक वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं इन्हें इलैक्टि्रक चार्जं करने के लिए इलैक्टि्रक स्टेशन की आवश्यकता तेजी से बढ़ी है। इस क्षेत्र में प्रशिक्षण प्राप्त बेरोजगार अपना इलैक्टि्रक स्टेशन स्थापित कर रोजगार का स्थायी साधन स्थापित कर सकेगा।


डॉ. पंवार ने बताया कि इन चारों क्षेत्रों में उपयुक्त प्रशिक्षण किसी भी संस्था द्वारा उपलब्ध नहीं हो रहा है। राजस्थान स्टेट विश्वविद्यालय के रूप में राजस्थान आई.एल.डी. कौशल विश्वविद्यालय ने पहल कर भारत सरकार के उपक्रम राजस्थान इलैक्ट्रॉनिक्स एण्ड इन्स्ट्रुमेन्ट्स लि. से एम.ओ.यू. किया है जो मानसरोवर, जयपुर स्थित अपनी एकेडमी में आगामी जुलाई, 2019 से प्रारम्भ होने वाले नये शैक्षणिक सत्र से निर्धारित समयावधि का प्रशिक्षण प्रारम्भ कर ग्रामीण व शहरी सामान्य बेरोजगार युवकों को रोजगार से जोड़ने का अवसर प्रारम्भ करेगा।

रीसू व रील द्वारा ऎसे प्रशिक्षणार्थियों को वैधानिक सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा।  रीसू के कुलसचिव देवेन्द्र शर्मा व रील के महा प्रबन्धक राकेश चौपड़ा ने इस समझौता ज्ञापन (एम.ओ.यू.) पर हस्ताक्षर कर नई पहल की है।