Student Start-up policy committee meeting

जयपुर, 10 जनवरी। राज्य सरकार द्वारा वित्त पोषित विभिन्न विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों को कौशल पाठ्यक्रमों के माध्यम से आत्म निर्भर बनाने के लिए ‘‘स्टूडेंट स्टार्ट-अप पॉलिसी‘‘ का प्रारूप तैयार करने एवं लागू करने के लिए सुझाव देने हेतु चार विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की बनाई गई कमेटी की प्रथम बैठक गुरूवार को कमेटी के संयोजक राजस्थान आई.एल.डी. कौशल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ललित के. पंवार की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। 

बैठक में कुलपति डॉ. पंवार ने राज्यपाल द्वारा गठित कमेटी के उद्देश्यों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया विश्वविद्यालयों में ऎसा वातावरण व साधन उपलब्ध कराये जायें कि विद्यार्थी आत्म निर्भर बनने एवं स्वयं का रोजगार प्रारम्भ करने का रास्ता चुन सकें।

कमेटी के सदस्य एवं राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर.के. कोठारी ने बताया कि राजस्थान विश्वविद्यालय में विद्याार्थियों को एंटरप्रिन्योरशिप के लिए तैयार करने हेतु आधुनिकतम सुविधाओं से युक्त ‘‘सेंटर फॉर कन्वर्जिंग टेक्नोलॉजी’’ उपलब्ध है। विश्वविद्यालय द्वारा कौशल से सम्बन्धित छः माह के सर्टिफिकेट एवं एक वर्ष के डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं।

 बैठक में राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय, कोटा के कुलपति डॉ. एन.के. कौशिक ने बताया कि तकनीकी महाविद्यालयों में अध्ययन कर रहे विद्यार्थियों को प्रारम्भ से ही कौशल के क्षेत्र में प्रैक्टिकल शिक्षा देने का प्रावधान है परन्तु सूचना प्रौद्योगिकी के आधुनिकतम युग में कौशल के क्षेत्र में नये पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को आत्म निर्भर बनाने की ओर ज्यादा जोर होना चाहिए।

उन्होनें कहा कि ‘‘स्टार्ट-अप पॉलिसी‘‘ को उद्यमियों तथा औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े संगठनों तथा संस्थानों का पूरा योगदान मिले इसके प्रयास विश्वविद्यालय एवं राज्य सरकार के स्तर पर करने की आवश्यकता हैं। 

स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय, बीकानेर के कुलपति डॉ. विष्णु शर्मा ने विश्वविद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर विद्यार्थियों को कौशल क्षेत्र के पाठ्यक्रमों की शिक्षा से जोड़ने पर अधिक ध्यान देने पर जोर दिया जिससे विद्यार्थी भविष्य में अपने स्वयं के पाँव पर खड़े होकर आत्म निर्भर बन सकें।

इस अवसर पर राजस्थान आई.एल.डी. कौशल विश्वविद्यालय के निदेशक कौशल शिक्षा प्रो. ए.के. नगावत ने पावर पॉईन्ट प्रजेन्टेशन के माध्यम से स्टार्ट-अप पॉलिसी के बारे में विस्तार से जानकारी दी और ए.आई.सी.टी.ई. द्वारा दिये गये सुझावों की व्याख्या की।

बैठक में आई.एल.डी. कौशल विश्वविद्यालय के कुलसचिव देवेन्द्र शर्मा, परीक्षा नियंत्रक पी.एम. त्रिपाठी, निदेशक एच.आर. वी.के. माथुर भी उपस्थित थे।