sitaron ki duniya
  • सूर्य का मीन में गोचर 15 मार्च 2019 से-Sun in Pisces.
  • “ॐ आदित्याय विदमहे दिवाकराय धीमहि तन्न: सूर्य: प्रचोदयात् ।”

15 मार्च 2019 (शुक्रवार) को फाल्गुन शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि है। इसके साथ ही सूर्य की मीन संक्रांति -Sun in Meena Rashi है।

आपको बता दें कि 15 मार्च को सुबह 05 बजकर 40 मिनट पर सूर्यदेव प्रवेश होगा ओर 14 अप्रेल 2019 दोपहर 02 बजकर 09 मिनट तक सूर्यदेव यहीं पर रहेंगे।

अतः सूर्यदेव के इस गोचर से 14 अप्रैल तक विभिन्न राशि वाले लोगों पर क्या असर होगा, सूर्यदेव ने आपके किस स्थान पर गोचर किया है और उस स्थिति में शुभ फल सुनिश्चित करने के लिये और अशुभ फलों से बचने के लिये आपको क्या उपाय करने चाहिए।

अगले महीने 14 अप्रैल 2019 को जब सूर्य मेष राशि में प्रवेश करेंगे तब नया संवत्सर परिधावी शुरू हो चुका होगा।

आज 15 मार्च को सूर्य की संक्रांति का पुण्यकाल दोपहर 12 बजकर 04 मिनट तक रहेगा। ज्योतिषाचार्य पण्डित दयानन्द शास्त्री ने बताया कि सूर्य की किसी भी संक्रांति में पुण्यकाल के दौरान पवित्र नदियों में स्नान-दान का महत्व होता है। सूर्य की मीन संक्रांति के दौरान गोदावरी नदी में स्नान-दान का महत्व है।

आज से एक महीने के लिये खरमास की शुरुआत हो रही है।वर्ष में दो बार खरमास(मल मास) लगता है। एक बार सूर्य के धनु राशि में प्रवेश के दौरान और दूसरी बार मीन राशि में प्रवेश के दौरान।

पण्डित दयानन्द शास्त्री बताते हैं कि शास्त्रों में खरमास को शुभ कार्यों के लिये अच्छा नहीं माना जाता है। इस दौरान विवाह, गृहप्रवेश, मुंडन संस्कार आदि शुभ कार्य करने की मनाही होती है। अतः अगले एक महीने के लिये आपको इन सब चीज़ों का ख्याल रखना चाहिए।

15 मार्च 2019 को सूर्य मीन राशि में प्रवेश कर रहे है जो की 14 अप्रैल 2019 तक मीन राशि में गोचर करेगे|

मीन संक्रांति का पुण्यकाल—

सूर्य का राशि परिवर्तन संक्रांति के नाम से भी जाना जाता है। सूर्य का गोचर जब भी होता है उसे संक्रांति कहते हैं। सूर्य कुंभ से मीन में परिवर्तन होंगे इसलिए इसे मीन संक्रांति कहा जाएगा।

मीन राशि के स्वामी गुरु देव ब्रहस्पति हैं। इस समय मीन में शुक्र उच्च और बुध नीच में विचरण कर रहे हैं। सूर्य को समाज में मान-सम्मान, नौकरी, भूमि, संबंध और धन का देवा माना जाता है। इसलिए सूर्य को अनुकूल स्थिति में रखना अत्यंत आवश्यक है।

मीन संक्रांति का पुण्यकाल 15 मार्च को दोपहर 12 बजकर 3 मिनट तक रहेगा। इस दौरान स्नान, दान करना शुभ रहेगा। वारानुसार इस संक्रांति का नाम नंदा है। इस संक्रांति के प्रभाव से धर्मिक आचरण रखने वालों के लिए महीना शुभ रहेगा।

छल-कपट, राजनीतिक उठापटक में वृद्धि होगी। उत्तर पश्चिमी भारत में तेज आंधियां चलेंगी और कहीं-कहीं बरसात भी होगी।

जानिए आप की राशि पर क्या शुभ अशुभ प्रभाव होगा??

मेष राशि :- सूर्य के प्रभाव से बाहरी स्थानो से अच्छा सम्बन्ध कराएगा, परन्तु खर्च की अधिकता बनी रहेगी।खर्च चलाने के लिए बुद्धि- बल का अधिक प्रयोग करना पड़ेगा। मेष राशि के लिए सूर्य का परिवर्तन 12वें भाव में हो रहा है। विद्यार्थियों के लिए समय काफी अच्छा रहने के आसार हैं। हालांकि ऐच्छिक परिणाम हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत भी करनी होगी। वर्तमान नौकरी से असंतुष्ट जातकों को नए और बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकते हैं। लेकिन प्यार के मामले में तकारार बढ़ने के भी आसार हैं।संतान पक्ष के लिए चिंता तथा हानि योग भी उपस्थित होगे। शत्रु पक्ष पर विजय एवं निर्भयता प्राप्त होगी, परन्तु मानसिक चिन्ताओ का शिकार होना पड़ेगा तथा विद्या लाभ के पक्ष में भी कमजोरी रहेगी।

वृषभ राशि :- सूर्य के प्रभाव से आमदनी के क्षेत्र में विशेष सफलता प्राप्त होती है। इसके साथ ही माता, भूमि, भवन तथा कुटुंब का सुख भी पर्याप्त मात्र में प्राप्त होता है। विद्या बुद्धि एवं संतान के पक्ष में भी वृद्धि होती है। समय आनंद पूर्व व्यतीत होगा।

मिथुन राशि :- मिथुन जातकों के लिये सूर्य का परिवर्तन 10वें भाव में हो रहा है। यह परिवर्तन व्यावसायिक दृष्टि से आपके लिए काफी अच्छा है। सूर्य के प्रभाव से पिता की श्रेष्ठ शक्ति प्राप्त होती है। तथा राज्य के क्षेत्र में भी लाभ एवं सम्मान अर्जित होता है। तथा पराक्रम में भी वृद्धि होती है।पराक्रम द्वारा सुख की वृद्धि होती है तथा माता, भूमि, भवन एवं सम्पति के पक्ष में भी संतुष्टि एवं सुख मिलता है।

कर्क राशि :- सूर्य आपकी राशि से 9वें घर में प्रवेश कर रहा है जो कि पिता के लिए अच्छा रहेगा। यदि पिछले कुछ समय से आपके पिता अस्वस्थ हैं तो उनका स्वास्थ्य सूर्य के प्रभाव से बेहतर होगा। सूर्य के प्रभाव से भाग्य शक्ति प्रबल रहेगी। धन तथा कौटुम्बिक सुख की भी प्राप्ति होगी । धर्म का पालन करेंगे तथा यश ,मान एवं प्रतिष्ठा की प्राप्ति होगी। पराक्रम में वृद्धि होगी और भाई- बहनो का सुख भी मिलेगा। धनि, सुखी, हिम्मतवर तथा स्वार्थ एवं परमार्थ दोनों तरीको से काम निकालेंगे।

सिह राशि :- सूर्य के प्रभाव से आयु एवं पुरातत्व का लाभ, शारीरिक शक्ति एवं कुछ कठिनाइयों के साथ ही प्राप्त होगा। साथ ही बाहरी स्थानो के सम्बन्ध से शक्ति मिलती रहेगी।आपके राशि स्वामी आपकी राशि से परिवर्तित होकर अष्टम भाव में आ जायेंगें अत: इस समय आपको या आपके किसी करीबी को स्वास्थ्यगत परेशानियों से दो चार होना पड़ सकता है। आंख व हड्डियों संबंधी रोगों से विशेष रूप से सावधान रहने की जरूरत है। जरा सा भी लक्षण दिखाई दे तो चिकित्सक से परामर्श लेने में किसी तरह की लापरवाही न बरतें। इस समय आर्थिक रूप से भी आपके खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है।धन वृद्धि के लिए कठिन परिश्रम करना पड़ेगा ।धन तथा कुटुंब का सुख प्राप्त होगा। स्वभाव में क्रोध अधिक होगा।

कन्या राशि :- सूर्य के प्रभाव से स्त्री तथा व्यवसाय के पक्ष में कुछ कमी एवं हानि का योग प्राप्त होता है।व्यवसाय द्वारा ही खर्च चलता है। बाहरी स्थानो के सम्बन्ध से लाभ प्राप्त होता है। व्यवसाय में नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। शरीर में दुर्बलता रहेगी। स्वभाव से चंचलता रहेगी एवं क्रोध भी अधिक होगा। खर्च के कारण चिंतित रहेंगे।

तुला राशि :- सूर्य के प्रभाव से झगडे- झंझट एवं शत्रु पक्ष से लाभ मिलता है तथा शत्रुओ पर विजय मिलती है। कठिन परिश्रम के द्वारा आमदनी भी अच्छी रहती है । खर्च अधिक रहता है। हिम्मत और बहादुरी से काम लेंगे।

वृश्चिक राशि :- सूर्य के प्रभाव से विद्या, बुद्धि तथा संतान के क्षेत्र में विशेष सफलता प्राप्त होगी। राजनीती के क्षेत्र में उन्नति मिलेगी तथा पिता, राज्य एवं व्यवसाय के पक्ष से भी सम्मान तथा सहयोग प्राप्त होता है।राशि से पंचम स्थान पर सूर्य का आना आपके लिए बहुत ही भाग्यशाली कहा जा सकता है। कामकाजी जीवन भी काफी अच्छा रहने के आसार हैं। समय रहते लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं। सार्वजनिक क्षेत्र में कार्यरत जातकों के लिये बहुत ही शुभ समय है। संतान पक्ष की ओर से भी आपको शुभ समाचार मिल सकता है। वृश्चिक राशि के बालक इस समय में काफी ऊर्जावान और उत्साही रहेंगें। आपका आत्मविश्वास भी सूर्य के प्रभाव से चरम पर रहने के आसार हैं। लाभ के श्रेष्ठ साधन प्राप्त होते है।अपनी बुद्धि- बल से आमदनी को बढ़ाएंगे तथा यश एवं सुख प्राप्त करेंगे।

धनु राशि :- सूर्य के प्रभाव से माता का सुख बहुत मिलता है तथा भूमि, मकान आदि की शक्ति भी प्राप्त होती है।भाग्य उन्नति होती है तथा धर्म में भी रूचि बनी रहेगी। पिता द्वारा शक्ति, राज्य द्वारा सम्मान एवं व्यवसाय द्वारा लाभ एवं उन्नति के योग प्राप्त होगे। आप को धन, यश एवं सुख की प्राप्ति होगी।

मकर राशि :- सूर्य के प्रभाव से पुरुषार्थ में अत्यधिक वृद्धि होगी परन्तु भाई- बहन के सुख में कुछ कमी तथा परेशानी बनी रहेगी। ऐसे व्यक्ति को आयु तथा पुरातत्व की शक्ति का लाभ प्राप्त होता है।भाग्य उन्नति में कुछ रुकावटे आती है तथा धर्म के पक्ष में भी कुछ त्रुटि बनी रहती है।

कुम्भ राशि :- सूर्य के प्रभाव से धन की वृद्धि होती है तथा कुटुंब पक्ष से भी पर्याप्त सहयोग एवं शक्ति मिलती है।स्त्री के पक्ष में किसी विशेष कमी का अनुभव करेंगे। आयु एवं पुरातत्व की शक्ति में वृद्धि होती है। दैनिक जीवन प्रभावशाली होता है । अपनी राशि दूसरे घर में सूर्य का परिवर्तन हो रहा है। सूर्य चूंकि क्रूर ग्रह माने जाते हैं दूसरे भाव में यह आपकी वाणी को प्रभावित कर सकते हैं। इस समय आप अनावश्यक वाद-विवाद में पड़ सकते हैं जिसका असर आपके संबंधों पर भी नकारात्मक रूप से पड़ सकता है। आपकी बातें आपके साथी की भावनाओं को ठेस पंहुचा सकती हैं। कुल मिलाकर इस समय आपको अपनी वाणी को नियंत्रण करने की आवश्यकता है।

मीन राशि :- सूर्य के प्रभाव से शारीरिक प्रभाव एवं शक्ति में वृद्धि होती है।परन्तु रक्त विकार एवं अन्य प्रकार के रोग होने की भी संभावनाए रहेगी। शत्रु पक्ष पर विजय प्राप्त होगी तथा अपना सम्मान बढ़ाने के लिए दौड़ – धुप भी अधिक करनी पड़ेगी। स्त्री का सुख कुछ परेशानियों के बाद मिलता है। गृहस्थ सुख में कुछ कठिनाइया आती है। व्यवसाय के क्षेत्र में भी अधिक परिश्रम करने पर सफलता मिलती है।कुंभ से परिवर्तित होकर आपकी ही राशि में सूर्य का प्रवेश हो रहा है जहां बुध पहले से ही विराजमान हैं। लेकिन शुक्र वक्री अवस्था में गोचर कर रहे हैं। ऐसे में सूर्य का आना आपके स्वास्थ्य व संबंधों में तो परेशानी खड़ी करेगा ही साथ ही आपके व्यवसाय में भी इसके नकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावनाएं हैं।

सूर्य के अशुभ प्रभाव निवारण हेतु उपाय :-
सूर्य को जल से अर्ध्य दे। जल में रोली चन्दन तथा चावल डाले। मसूर की लाल दाल, गुड,गेहू, बादाम आदि का दान करे ।अंधे लोगो को कुछ दान दे।