Ramgarh Hospital News

जैसलमेर| जैसलमेर जिले में स्थित रामगढ कस्बे के सरकारी अस्पताल में चिकित्साकर्मियो की लापरवाही का एक खौफनाक वाकया सामने आया हैं. प्रसव के दौरान ड्यूटी पर कार्यरत कम्पाउंडर अमृतराम ने नवजात शिशु को इतनी जोर से खींचा कि शिशु का सिर माँ के गर्भ में रह गया और धड़ अलग हो गया.अपनी गलती छुपाने के लिए अमृतराम ने रामगढ़ अस्पताल के चिकित्सा प्रभारी डाॅ. निखिल शर्मा को बताया की प्रसव हो गया हैं पर आंवल (placenta) अंदर ही है इसलिए जैसलमेर रैफर करना पड़ेगा.

जैसलमेर के जवाहर अस्पताल में चिकित्सक डॉ. रविंद्र सांखला ने आंवल निकालने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें कुछ समझ में नहीं आया तो उन्होंने अगले दिन सुबह फिर से प्रयास किया, लेकिन फिर कुछ समझ नहीं आया तो महिला को जोधपुर रेफर किया. जोधपुर के उम्मेद अस्पताल में चिकित्सकों ने महिला के प्रसव का प्रयास किया तो बच्चे का सिर ही निकला. ये देख कर चिकित्सक हैरान हो गए.

इसके बाद परिजन बच्चे का सिर लेकर सीधे रामगढ़ पुलिस थाना पहुंच गए. रामगढ़ पुलिस ने वहां के चिकित्साकर्मियों से पूछताछ की तो उन्होंने बच्चे का धड़ लाकर दिया.इस संबंध में महिला दीक्षा कंवर के पति त्रिलोकसिंह ने रामगढ़ थाने में मामला दर्ज करवाया है. उपनिरीक्षक जालमसिंह ने बताया कि बच्चे के दोनों हिस्सों का अलग-अलग पोस्टमाॅर्टम करवाया गया.  

जवाहर अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ और पीएमओ डॉ. उषा दुग्गड़ ने कहा कि मेरे करियर में कभी भी ऐसा नहीं हुआ. बच्चे के दो हिस्से कैसे हुए, यह जांच का विषय है. रामगढ़ पुलिस जब यहां आई तब मुझे इस घटना की जानकारी मिली. बड़ी बात तो यह है कि रामगढ़ अस्पताल में इतना कुछ होने के बावजूद महिला के परिजनों को कुछ नहीं बताया गया और जैसलमेर रेफर कर दिया गया.

सूत्रों ने बताया कि कम्पाउंडर अमृतराम को डिलीवरी कराने की ट्रेनिंग नहीं मिली हुई थी ऐसे में उसको लेबर रूम में चार्ज देना भी जांच का विषय हैं. वंही इस मामले में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने गुरुवार को कहा कि जैसलमेर जिले में राजकीय अस्पताल में प्रसव के दौरान हुई शिशु की मृत्यु के मामले की जांच के लिए समिति का गठन कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जायेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर हादसा है. सरकार में इस तरह की लापरवाही के प्रति जीरो टोलरेंस की नीति है इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है.