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बाड़मेर| बीजेपी ने दूसरी सूची में बाड़मेर-जैसलमेर के शेष रहे चार प्रत्याशियों के नामों का भी ऐलान कर दिया है। इससे पहले भाजपा की ओर से पांच प्रत्याशियों की घोषणा कर दी गई थी। इससे बाड़मेर-जैसलमेर की नौ विधानसभा सीटों पर स्थिति साफ़ हो गयी हैं।

पहली सूची में बीजेपी ने बाड़मेर विधानसभा क्षेत्र से प्रबल दावेदार यूआईटी चेयरपर्सन डाॅ.प्रियंका चौधरी का टिकट काटकर सांसद कर्नल सोनाराम चौधरी को टिकट दिया। इसके बाद बुधवार को भाजपा नेे शेष चार प्रत्याशियों की घोषणा करके चौंका दिया है क्योंकि जैसलमेर के दोनों और चौहटन के मौजूदा विधायकों के टिकट काट दिए हैं।

बीजेपी की पहली सूची में बाड़मेर से कर्नल सोनाराम चौधरी, गुड़ामालानी से लादूराम विश्नोई, पचपदरा से अमराराम चौधरी, सिवाना से हमीरसिंह भायल और बायतु से कैलाश चौधरी के नामों की घोषणा हो चुकी है। बीजेपी की दूसरी सूची में बाड़मेर जिले के चौहटन क्षेत्र से आदूराम मेघवाल, शिव से खुमाणसिंह, जैसलमेर से सांगसिंह भाटी व पोकरण से महंत प्रतापपुरी को भाजपा ने टिकट दिया है।

सांगसिंह भाटी को छोड़ बीजेपी ने सभी तीनों नए चेहरों को मौका दिया है। हालांकि आदूराम पूर्व में सिवाना से विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन हार गए थे। इस बार चौहटन से उन्हें मैदान में उतारा गया।

चौहटन विधायक तरुणराय कागा का टिकट काट कर इस बार आदूराम मेघवाल को बीजेपी ने मौका दिया है। आदूराम वर्ष 2013 में भी चौहटन से दावेदार थे,लेकिन बीजेपी ने तरुणराय कागा को टिकट दी और वे जीते भी। इसी तरह शिव से मानवेंद्र सिंह के कांग्रेस में शामिल होने के बाद नए चेहरे के रूप में बीजेपी उपाध्यक्ष खुमाणसिंह सोढ़ा को टिकट दिया गया है। खुमाणसिंह की पुत्री स्वरूप कंवर शिव से प्रधान हैं। इसी तरह वर्ष 2003 में विधायक रहे सांगसिंह भाटी को जैसलमेर से टिकट दिया गया है। तारातरा मठ के महंत प्रतापपुरी को पोकरण से टिकट दिया गया है। पोकरण में बीजेपी ने भगवा कार्ड खेला है।

बीजेपी ने बाड़मेर की सात और जैसलमेर की 2 समेत कुल 9 सीटों पर प्रत्याशियों की फाइनल सूची जारी कर दी है, जबकि कांग्रेस की ओर से दोनों जिलों के प्रत्याशियों को सूची का इंतजार है।

शिव व चौहटन: 25 वर्षों में हर बार बदलाव का ट्रेंड
बाड़मेर जिले की चौहटन व शिव विधानसभा ऐसी है, जहां हर बार बदलाव का ट्रेंड है। वर्ष 1993 के बाद पांच साल से ज्यादा किसी पार्टी का विधायक नहीं रहा है। 1993 में शिव में हरिसिंह (BJP), चौहटन भगवानदास (निर्दलीय), 1998 शिव में अमीन खां व चौहटन अब्दुल हादी (कांग्रेस), 2003 में शिव जालसिंह व चौहटन गंगाराम (BJP), 2008 में शिव अमीन खां व चौहटन पदमाराम (कांग्रेस), 2013 में शिव मानवेंद्र सिंह (BJP) व चौहटन तरुणराय (कांग्रेस) के कब्जे रही। दोनों जगह हर बार एक ही पार्टी के प्रत्याशी जीते है। सिवाना व पचपदरा बीजेपी का गढ़ रहा है, 25 वर्षों में 20 वर्ष बीजेपी का कब्जा रहा, जबकि आजादी के बाद गुड़ामालानी में सबसे ज्यादा 55 साल कांग्रेस का कब्जा रहा है। 1990 में जनता दल से मदन कौर और 2013 में बीजेपी के लादूराम विश्नोई जीते।

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