जैसलमेर में इन दिनों झोलाछाप नीम हकीम डॉक्टरों का जाल फैला हुआ है कई बार इनके द्वारा इलाज से मौत होने की घटनाएँ होने के बावजूद भी प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। फतेहगढ़ कस्बे में आज ऐसे ही एक घटनाक्रम ने आमजन में आक्रोश भर दिया है।

मामला जैसलमेर के फतेहगढ़ उपखंड का है जहां एक निजी क्लीनिक रामदेव हॉस्पिटल में एक 17 वर्षीय किशोर खिंवराज जाट को बुखार आने पर उसके परिजन लेकर आए जहां वहाँ कार्यरत डॉक्टर सुरेन्द्र सिंह ने उसको इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगाने के तत्काल बाद ही उस किशोर की मौत हो गई। नाराज़ परिजनों ने तुरंत सांगड़ थाना जाकर वहाँ मुकदमा दर्ज करवाया।

मुकदमे की जानकारी मिलने पर झोला छाप डॉक्टर सुरेन्द्र सिंह रामदेव क्लीनिक पर ताले जड़कर फरार हो गया। पुलिस शव को पोस्ट्मार्टम के लिए जैसलमेर लायी है तथा नीम हकीम की तलाश में जुट गई है। मृतक के भाई ने पुलिस पर भी आरोप लगते हुए बताया की घटना की जानकारी के दो घंटे तक पुलिस ने मुकदमा तक दर्ज नहीं किया था तब तक उस झोलछाप को भागने का मौका मिल गया। फिलहाल सांगड़ पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।