Nachna Hostel Girls is going to the forest to cut wood for cooking food
           

जैसलमेर/नाचना (दिलीप सोनी )| रसोई गैस की किल्लत के चलते जैसलमेर के नाचना कस्बे में हालात ठीक नहीं हैं, पिछले सात दिनों से रसोई गैस के सिलेंडर की सप्लाई में कमी के चलते घरों के साथ ही सरकारी छात्रावासों में भी परेशानी हो रही हैं हालात ये हैं कि कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विधालय- Kasturba Gandhi Balika Vidyalaya व शारदे आवासीय बालिका छात्रावास – Sharde Girl Hostel  की लड़कियां खाना बनाने के लिए खुद लकड़ियां बीन कर ला रही हैं.केंद्र सरकार की उज्ज्वला योजना भी इससे प्रभावित हो रही हैं.

नाचना के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विधालय व शारदा आवासीय बालिका छात्रावास में करीब दौ सौ लड़कियां हैं तथा इसके अलावा एससी और एसटी के एक एक छात्रावास है इन चारों में पिछले सात दिनों से गैस की किल्लत के चलते लकडियो पर ही खाना बन रहा हैं. Indane Gas Agency-Nachna Indane द्वारा सरकारी हॉस्टल को समय पर रसोई गैस की आपूर्ति नहीं की जा रही है जिसके कारण समस्या हुई हैं .

इस पूरे मामले की खबर जैसलमेर शिक्षा विभाग और समाज कल्याण विभाग के अधिकारीयों को भी हैं मगर कोई भी गंभीर नहीं दिखाई दे रहा. छात्राओं के आवासीय विधालय से बाहर जंगल में जाकर लकड़ी काटने से उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता हैं .

आपको बता दें कि राजस्थान में 150 शारदे बालिका छात्रावास विधालय संचालित हो रहे हैं, जिसका नियंत्रण RajRamsa द्वारा किया जाता हैं.

जैसलमेर के मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी रामकृष्ण मीना ने तो यंहा तक कह दिया कि “गैस सिलेंडर की आपूर्ति नहीं हो रही है तो कोई बात नहीं. लकड़ी पर खाना तो बन रहा है, ऐसा तो नहीं है कि भोजन ही नहीं मिल रहा. छात्रावासों में भोजन बनना चाहिए, चाहे कैसे भी बने. लकड़ी से बना भोजन भी खराब नहीं होता, पहले भी लोग लकड़ियां काटकर लाते थे, उन पर भोजन बनाकर खाते थे. यह तो सिलेंडर मिल रहा है, अगर नहीं मिलेगा तो फिर क्या करेंगे.

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