Jaipur News- बस्सी थाना पुलिस ने मंगलवार को हनीट्रैप मामले में महिला सहित तीन को गिरफ्तार किया है। दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर पचास हजार रुपए और कार हड़पने के बाद भी गिरोह साढ़े सात लाख रुपए की मांग कर रहा था। आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य बदमाशों की तलाश कर रही है।

डीसीपी (ईस्ट) डॉ. राहुल जैन ने बताया कि हनीटै्रप मामले में महिला सरोज बैरवा (25) निवासी बाणे का बरखेड़ा सदर दौसा, अजय उर्फ लोकेश उर्फ टाइगर (26) निवासी बास बिवाई बांदीकुई दौसा और हरकेश (32) निवासी भांडारेज मोड़ सदर दौसा को गिरफ्तार किया है।

घटनाक्रम के मुताबिक, 9 जनवरी को लवाण दौसा निवासी मीठालाल मीणा ने परिवादी को कॉल कर राजाधोक बस्सी टोल प्लाजा बुलाया। कार में बिठाकर इधर-उधर घुमाने के कुछ देर बाद  महिला को भी कार में बैठा लिया। कूकस के पास उसको और कार में बैठी परिचित महिला को शराब पिलाई। उसी समय एक कार से पहुंचे चार युवकों ने उसकी कार का गेट खोला। जिनमें से एक ने महिला को खुद की भाभी बताकर उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगाया।

समझाने की कोशिश के बाद भी चारों युवक उसको गाड़ी में पटककर अपने साथ ले गए। दुष्कर्म के मामले में फंसाने की धमकी देकर 5 लाख रुपए की मांग की। बदनामी के डर के मारे परिवादी ने परिचित से 50 हजार रुपए मंगवाकर उन्हें दे दिए।

जिसके बाद कार को भी गिरवी रख लिया। स्टाम्प पर लेन-देन का मामला दिखाकर परिवादी से हस्ताक्षर करवा लिए। 18 जनवरी तक पांच लाख रुपए का इंतजाम कर देने की कहा। इसी बीच महिला भी उसको अलग से 2 लाख 50 हजार रुपए देने का दबाव बनाने लगी।

साढ़े सात लाख रुपए की मांग से परिवादी परेशान हो गया। इस उलझन और बदनामी से बचने के लिए उसने खुदकुशी करने का फैसला किया। खुदकुशी करने से पूर्व अपने दोस्त से इस बात को साझा किया। दोस्त के विश्वास दिलाते हुए थाने में मामला दर्ज कराने को कहा। जिसके बाद पीडि़त ने घटनाक्रम बताते हुए अपने परिचित मीठालाल सहित आधा दर्जन जनों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराया।

ब्लैकमेलरों के परिवादी को बार-बार कॉल कर रकम का तकाजा करने पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। पुलिस ने ब्लैकमेलिंग की रकम देने के बहाने गिरोह के बदमाश को कॉल करवाया। रकम लेने आने पर गिरोह में शामिल महिला सहित तीनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में सामने आया है हनीट्रैप की मुख्य सूत्रधार सरोज बैरवा है, जो पूर्व में रुपए लेकर कोर्ट में जमानत देती थी। दौसा में एक एनजीओ के संचालन के दौरान उसकी दोस्ती अजय और मीठालाल से हुई थी।