camel smugglers

चित्तौड़गढ़ न्यूज़ / राजस्थान में गौवंश के बाद अब राज्य पशु ऊंट की तस्करी भी जोर पकडती जा रही हैं,चित्तौड़गढ़ सदर थाना क्षेत्र से तीन ट्रकों में भर कर इंदौर ले जाये जा रहे 52 ऊंटों को पुलिस ने बरामद किया है।

थानाधिकारी भारत सिंह राठौड ने मंगलवार को बताया कि मुखबिर की सूचना पर डीडवाना से इंदौर जा रहे दो ट्रकों को सदर थाना क्षेत्र में रोका गया। दोनों ट्रकों की जांच में 18—18 ऊंट ठूंस ठूंस कर भरे पाये गये। शंभूपुरा थाना क्षेत्र में एक अन्य ट्रक में 16 ऊंट ठूंस ठूंस कर भरे पाये गये। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में तीनों ट्रकों के चालकों ने बताया कि ऊंटों को डीडवाना से खरीदकर विक्रय के लिये इंदौर ले जाया जा रहा है। लेकिन ऊंटों की खरीद के दस्तावेज इनके पास नहीं पाये गये।

राठौड़ ने बताया कि ऊंटों के अवैध रूप से परिवहन करने और वैध दस्तावेज नहीं होने पर, उत्तर प्रदेश के बागपत निवासी तीनों ट्रक चालक, एक खलासी और दो अन्य व्यक्तियों को को हिरासत में लिया गया है। इनके नाम क्रमश: शकील, जाफर, जाकिर, शाकिर, वसीम और सरीन हैं। उन्होंने बताया कि सभी आरोपियों को राजस्थान राज्य ऊंट संरक्षण अधिनियम और पशुक्रूरता अधिनियम के तहत हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

राठौड़ ने बताया कि तीनों ट्रकों से बरामद 52 ऊंटों की चिकित्सीय जांच के बाद भीलवाड़ा की एक गौशाला में भेजा जायेगा। फिर जिला कलेक्टर की स्वीकृति के बाद सभी ऊंटों को सिरोही के ऊंट केन्द्र में भेजा जायेगा।

चित्तौड़गढ़ जिला पुलिस को गुजरात की प्राणीन फाउण्डेशन की सदस्य ने आधी रात में उंटों की तस्करी की सूचना दी थी। इसके बाद सदर थाना पुलिस ने चित्तौड़-निम्बाहेड़ा मार्ग पर नाकेबंदी कर दी। सघन जांच में दो टैंकरों को रोका गया। इनमें ठूंस-ठूंस कर ऊंटों को भरा गया था। एक अन्य ट्रक शम्भुपुरा पुलिस ने जब्त कर उसमें से भी ऊंटों की तस्करी होना पाया गया।