दिल्ली सराय रोहिला ट्रेन न. 22481

जोधपुर न्यूज़ / जोधपुर से दिल्ली सराय रोहिल्ला ट्रेन न. 22481 से शनिवार रात डोडा तस्करों की महिंद्रा स्कार्पियों गाडी की टक्कर हुई है. टक्कर से स्कॉर्पियो गाडी के परखच्चे उड़ गए व पुलिस ने बोरों में भरा करीब एक क्विंटल डोडा पोस्त भी बरामद किया हैं. रेल दुर्घटना रात साढ़े आठ बजे के करीब हुई,इससे दिल्ली सराय रोहिल्ला ट्रेन एक घंटे लेट चली.

जोधपुर के पीपाड़ शहर व खेड़ी सालवा रेलवे स्टेशन के बीच मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर शनिवार रात डोडा पोस्त से भरी महिंद्रा स्कार्पियों अचानक बंद होने के बाद सामने ट्रेन आती देख तस्कर वाहन को वहीं छोड़कर भाग गए.

ट्रेन के चालक द्वारा आपातकालीन ब्रेक लगाने के बाद भी ट्रेन महिंद्रा स्कार्पियों से टकरा गई. करीब दो सौ मीटर तक महिंद्रा स्कार्पियों ट्रेन के साथ घिसटती रही.हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई हैं .

पुलिस व जीआरपी के अनुसार शाम 7.40 बजे जोधपुर रेलवे स्टेशन से रवाना हुई जोधपुर-दिल्ली सराय रोहिल्ला ट्रेन खेड़ी सालवा व पीपाड़ शहर रेलवे स्टेशन के बीच निर्माणाधीन अण्डरब्रिज के पास पहुंची. वहां मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रैक के बीचों-बीच सफेद महिंद्रा स्कार्पियों गाडी खड़ी थी. महिंद्रा स्कार्पियों चालक व उसके साथ वाहन में सवार युवक ने प्रयास किए, लेकिन गाडी न तो स्टार्ट हुई और न आगे-पीछे सरकी. ट्रेन आती देख चालक व साथी गाडी छोड़कर भाग निकले.

लोको पायलट भीखाराम सोनी को दूर से ही ट्रैक पर स्कार्पियों गाडी नजर आई तो उसने पहले हॉर्न बजाया, फिर आपातकालीन ब्रेक लगाए, लेकिन स्कार्पियों गाडी व ट्रेन के बीच दूरी कम होने से ट्रेन रूकी नहीं और स्कार्पियों उससे टकरा गई. करीब दो सौ मीटर दूर तक घसीटने के बाद ट्रेन रुकी.

लोको पायलट ने रेलवे अधिकारियों को सूचना दी. तुरंत ही दुर्घटना राहत ट्रेन (एआरटी) घटनास्थल के लिए रवाना की गई, लेकिन स्कार्पियों व ट्रेन में सवार किसी भी व्यक्ति के हताहत न होने से उसे बीच रास्ते से वापस बुला लिया गया.

लोको पायलट व अन्य जोधपुर नम्बर की स्कार्पियों के पास पहुंचे तो उसमें डोडा पोस्त के बोरे भरे नजर आए. बोरों में एक क्विंटल से अधिक डोडा पोस्त होने का अंदेशा है. डांगियावास पुलिस, जीआरपी और पीपाड़ शहर थाना पुलिस मौके पर पहुंची. मामला पीपाड़ शहर थाने का होने से पीपाड़ शहर थाना पुलिस ने स्कार्पियों  गाडी कब्जे में ली है. स्कार्पियों के पंजीयन नम्बर के आधार पर तस्करों की तलाश के प्रयास किए जा रहे हैं.