http://jaipurnewstoday.com/water-shortage-in-the-canals-of-rajasthan/

Jaipur News Today Desk/

राजस्थान के किसानों के लिए एक बार फिर से बुरी खबर हैं, राज्य को सिंचाई और पेयजल की आपूर्ति करने वाले जलाशयों में पानी की कमी आई हैं,खासकर अकाल की विभीषिका झेल रहे पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर ,बीकानेर और श्री गंगानगर के नहरी क्षेत्र इससे प्रभावित होंगे।

वंही राजस्थान में इंदिरा गांधी नहर पर आधारित पेयजल योजनाओं के लिए भी पानी का संकट खड़ा हो जाएगा,जैसलमेर जिले के किसान कमजोर मानसून के चलते पहले ही खरीफ की फसल से हाथ धो बैठे हैं,नहरों में पानी की कमी से रबी के फसल की उम्मीद भी ख़त्म हो रही हैं .

जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय ने एक प्रेस नोट जारी कर देश के 91 प्रमुख जलाशयों के जलस्तर में 1 प्रतिशत की कमी आने की बात कही हैं ।

20 सितंबर, 2018 को समाप्त सप्ताह के दौरान देश के 91 प्रमुख जलाशयों में 120.087 बीसीएम (अरब घन मीटर) जल संग्रह हुआ। यह इन जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता का 74 प्रतिशत है। 13 सितंबर, 2018 को समाप्‍त सप्ताह में जल संग्रह 75 प्रतिशत के स्तर पर था। 20 सितंबर, 2018 को समाप्त सप्ताह में यह संग्रहण पिछले वर्ष की इसी अवधि के कुल संग्रहण का 123 प्रतिशत तथा पिछले दस वर्षों के औसत जल संग्रहण का 105  प्रतिशत है।

उत्तरी क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश, पंजाब तथा राजस्थान आते हैं। इस क्षेत्र में 18.01 बीसीएम की कुल संग्रहण क्षमता वाले छह जलाशय हैं, जो केन्द्रीय जल आयोग (सीडब्यूसी) की निगरानी में हैं।

इन जलाशयों में कुल उपलब्ध संग्रहण 13.87 बीसीएम है, जो इन जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता का 77 प्रतिशत है। पिछले वर्ष की इसी अवधि में इन जलाशयों की संग्रहण स्थिति 84 प्रतिशत थी।

पिछले दस वर्षों का औसत संग्रहण इसी अवधि में इन जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता का 83 प्रतिशत था। इस तरह पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में चालू वर्ष में संग्रहण कम है और यह पिछले दस वर्षों की इसी अवधि के दौरान रहे औसत संग्रहण से भी कम है।