badmer premdan detha matter

बाड़मेर(भुट्टाखान राणीगांव)। बाड़मेर के वरिष्ठ पत्रकार प्रेमदान देथा के साथ पुलिस द्वारा किये गए दुर्व्यवहार का मामला तूल पकड़ता जा रहा हैं,इस मामले को लेकर पत्रकार काली पट्टी बांधकर पुलिस का विरोध कर रहे हैं। सोमवार को पत्रकारों ने जिला कलेक्टर शिवप्रसाद मदान नकाते को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंप कर बाड़मेर एसपी मनीष अग्रवाल को हटाने की मांग की है ।

बाड़मेर के सम्पूर्ण मीडिया जगत के पत्रकारों ने खुली चेतावनी दी है कि यदि एसपी को नहीं हटाया गया तो सभी पत्रकार और उनके परिजन आगामी विधानसभा चुनाव में मतदान का बहिष्कार करेगे ओर साथ ही मतदान ओर मतगणना की कवरेज नही करने की भी घोषणा की है। मीडिया कर्मियों का कहना हैं कि सैकेंड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा में पेपर लीक प्रकरण को उजागर कर प्रेमदान ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया है।

गौरतलब है कि 2 नवंबर को पुलिस अधीक्षक मनीष अग्रवाल के निर्देश पर कुछ पुलिसकर्मी सादे कपड़े में आए ओर वरिष्ठ पत्रकार प्रेमदान देथा से उनका मोबाइल छीन प्रेमदान को अगवा कर सदर थाने ले गए। वहां उन्हें करीब 1 घंटा गैर कानूनी रूप से हिरासत में भी रखा जिसके बाद उन्हें छोड़ दिया।

इससे पहले भी बाड़मेर एसपी मनीष अग्रवाल ने पटना से मिले व्हाट्सएप पर एक वारंट के आधार पर बाड़मेर के वरिष्ठ पत्रकार और बाड़मेर मीडिया प्रमुख़ दुर्ग सिंह राजपुरोहित को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कार्यवाही कर उनको बाड़मेर से पटना भेज दिया था है।बात यही तक नही खत्म हुई उन्होंने पत्रकार पपु कुमार बृजवाल को भी निशाना बनाया था।

एसपी मनीष अग्रवाल जब से बाड़मेर आये है तब से लगातार अपने अधिकारों का दुरूपयोग करते हुए लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के सिपाहियों को टॉरगेट कर प्रताड़ित करने के साथ उन पर द्वेष ओर तानाशाहीपूर्ण कार्यवाही किये जा रहे है जिससे पत्रकार जगत में भारी रोष व्याप्त है । सत्ता और विपक्ष के जनप्रतिनिधियों ने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हो रहे हमले की कड़े शब्दों में निदा की ओर कहा कि कहा कि जनता की आवाज उठाने वाले पर दमनचक्र किसी भी सूरत में बर्दाश्त नही किया जाएगा.

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