आज नरेन्द्र मोदी अपने दूसरे कार्यकाल को शपथ समारोह से प्रारंभ करेंगे । आज 30 मई 2019 को अपरा एकादशी भी है इसका अपना धार्मिक महत्व है।आखिर क्यों मोदी अपरा एकादशी के दिन शपथ ले रहे हैं?

आइये देखे क्या कहते है ग्रह नक्षत्र(तारे सितारे )।

शपथ ग्रहण का समय– शाम 7 बजे
स्थान — दिल्ली और
तारिख — 30 मई 2019 ।
वार — गुरुवार..

आज 30 मई 2019 को (गुरुवार) को अपरा एकादशी के दिन, मीन राशि, अश्विनी नक्षत्र, वृश्चिक लग्न हैं जो की नरेन्द्र मोदी जी की जन्म राशि होने के साथ साथ जन्म लग्न भी हैं।

इस दिन शपथ ग्रहण के समय चन्द्रमा , मीन राशि में स्थित होकर गुरु पर दृष्टि डालकर राजयोग बना रहे हैं।दोपहर 2बजे पश्चात सौभाग्य योग बना हुआ हैं।
शाम को 7 बजे तक शुभ का चौघड़िया भी रहेगा होगा। तत्पश्चात अमृत का चौघड़िया आरम्भ हो जाएगा।

इस अवधि में स्थिर लग्न “वृश्चिक” प्रभावी रहेगा। शाम को 18 बजे से रात्रि 20 बजकर 10 मिनट तक।इस अवधि में चन्द्रमा की होरा रहेगी।

नीचे बनी शपथ ग्रहण की कुंडली देखे तो लग्न में गुरु, पंचमेश हैं और उन पर सप्तम भाव से दशमेश सूर्य और अष्टमेश बुध की दृष्टि है।

सप्तम में वृषभ राशि मे बुधादित्य योग निर्मित हो रहा है,वहीं लग्न में वृश्चिक के गुरु से पंचम में स्थित मीन के चन्द्रमा से गजकेसरी योग भी अपना प्रभाव दिखाएगा।

अष्टम में लग्नेश मंगल और राहु का अंगारक योग, द्वितीय भाव से शनि और केतु दृष्टि सम्बन्ध सरकार की सेहत को विगाड़ता रहेगा ।

अष्टम पर ये प्रभाव कार्यकाल को 5 साल पूरा करने से रोक सकता है साथ गुरु का लग्न में स्थान हानि भी पार्टी में बिखराव दे सकता है ।

वाणी के स्थान में शनि केतु और राहु मंगल से दृष्टि बनी हैं।
पंचम भाव में स्थित चन्द्रमा पर गुरु का दृष्टि सम्बन्ध देश मे शिक्षा के क्षेत्र में अग्रसर होगा।

नई यूनिवर्सिटी, कालेज, हब के साथ साथ होटल ,हॉस्पिटल, मेडिकल का भी विस्तार सम्भव हैं। नई ओर सुलभ/सस्ती दवाईयां भी भविष्य में उपलब्ध होंगी।

मंगल ओर राहु का योग, सरकार को कई अनर्गल विवादों से घेर कर रखेगा ।

शपथ ग्रहण के समय चन्द्रमा, रेवती नक्षत्र में है जो कि मनोरंजन, खेल कूद ओर शिक्षा का कारक होने के साथ साथ बुध का नक्षत्र भी हैं।

सरकार नित नए विवादो में घिरी रहेगी और कई साहसिक
निर्णय भी लेगी ।

भारत इस कार्यकाल में विशेष प्रगति करेगा । गरीब मज़दूर और किसानों के स्तर में सुधार होगा , किन्तु समय लग सकता हैं ।

केरल और कश्मीर में भारी उथल पुथल सम्भव और ये क्षेत्र हिंसा ग्रस्त हो सकते है ।

पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को अहंकार से बचना ठीक रहेगा ।

मोदी जी कई साहसिक निर्णय एक बार फिर ले सकते है। कोई बड़ा अप्रत्याशित फैसला भी सम्भव जैसे नोटबन्दी का लिया था।विश्व मे भारत का प्रभुत्व बढ़ेगा ।

नरेन्द्र मोदी जी की जन्म कुंडली मे इस समय शनि की साढ़ेसाती तीसरे चरण में है जो उतरती हुई है और कहते है कि शनि की साढ़ेसाती जाते हुए लाभ देकर जाती है ।

गोचर में चन्द्र और मंगल पर वृश्चिक में गुरु का संचार , चन्द्र की महादशा अभी भी योगकारक है गुरु का गोचर सितंबर तक रहेगा। ये मोदी जी को एकबार फिर से सत्ता दिलाने में सफल रहा ।

आज़ाद भारत की कुंडली मे भी चन्द्र की महादशा चल रही है और मोदी जी कुंडली में भी चन्द्र की महादशा है ।

शनि न्यायाधीश है और साढ़ेसाती में पूर्वकृत कर्मो का फल मिलता है ।

ये फल एक बार मिल चुका है अब दूसरी बार फिर से मिलने जारहा है । आज़ाद भारत की कुंडली में छठे घर मे राहु और शनि की युति से एक सशक्त भारत , साहसी भारत , अपने सभी शत्रुओ को मिटाने में सक्षम भारत का निर्मण होगा ।

मोदी जी देश का नेतृत्व निर्बाध रूप से 2028 तक करेंगे और फिर राहु की महादशा में नेतृत्व परिवर्तन होगा पार्टी वही रहेगी ।

शुभम भवतु

ज्योतिषाचार्य पण्डित दयानन्द शास्त्री,
उज्जैन।
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