shipra sharma jodhpur death in sucide attack
  • शिप्रा तीन महीने से काबुल में एनजीओ के लिए कार्य कर रही थी .
  • गत दिनों जोधपुर आई थी और 11 जनवरी को वापिस काबुल के लिए रवाना हुई थी.
  • काबुल पहुँचने के अगले दिन उसकी आंतकी हमले में मौत हो गयी.
  • शिप्रा शर्मा के एक चार साल का पुत्र हैं .

जोधपुर. अफगानिस्तान के काबुल में एक फिदायीन हमले में जोधपुर की शिप्रा शर्मा (35) की मौत हो गयी. आंतकी हमले में शिप्रा शर्मा की मौत से उसके परिवार वाले सन्न हैं वंही प्रदेश के प्रमुख राजनेताओं ने शिप्रा की मौत पर गहरा दुःख प्रकट किया हैं. सीएम अशोक गहलोत और पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने ट्वीट कर दुःख जताया हैं.

शिप्रा शर्मा अफगानी नागरिको के पुनर्वास के लिए एक NGO में काम कर रही थी.
शिप्रा शर्मा स्वयंसेवी संस्था AICS में निदेशक (सर्टिफिकेशन) थी और हमले से एक दिन पहले ही जोधपुर से काबुल गयी थी.

शिप्रा काबुल में NRI के लिए स्थापित कम्पाउण्ड ग्रीन विलेज में रह रही थी बीती 14 जनवरी की रात आठ बजे आंतकियों ने आरडीएक्स से भरे ट्रक को ग्रीन विलेज से भिड़ा दिया था.टक्कर से हुवे भीषण विस्फोट में कम्पाउण्ड की दीवार गिरने से शिप्रा समेत तीन अन्य लोगों की मौत हो गई और कई अन्य लोग घायल हुए.